एजेंसी, नई दिल्ली। हनुमान अष्टमी का पावन पर्व विशेष रूप से मध्य प्रदेश में मनाया जाता है। इस दिन कई भक्त उपवास रखते हैं और भगवान हनुमान की विधि विधान पूजा करते हैं। धार्मिक मान्यताओं अनुसार इस दिन व्रत-पूजन करने से सारी मुरादें पूरी हो जाती हैं। साथ ही बजरंगबली की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन भगवान हनुमान को सिंदूर चढ़ाने का विशेष महत्व होता है। चलिए आपको बताते हैं हनुमान अष्टमी व्रत के फायदे, पूजा विधि और विशेष उपाय।
हनुमान अष्टमी व्रत के लाभ
कहते हैं हनुमान अष्टमी का व्रत रखने से बजरंगबली के साथ-साथ भगवान राम की भी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस दिन व्रत रखने से कुंडली में मौजूद ग्रह दोषों से भी छुटकारा मिल जाता है।
ये व्रत व्यक्ति की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करता है।
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हनुमान अष्टमी पर क्या करना चाहिए?
इस दिन हनुमान जी के मंदिर में जाकर उन्हें सिंदूर जरूर चढ़ाना चाहिए।
संभव हो तो इस दिन सुंदरकांड का पाठ जरूर करें।
इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ भी बेहद शुभ फलदायी माना जाता है।
इस दिन भगवान हनुमान को चोला भी चढ़ाया जाता है।
हनुमान अष्टमी के उपाय
हनुमान जी को इस दिन सिंदूर चढ़ाने से उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है।
इस दिन तिल या चमेली के तेल का दीया जलाना बेहद शुभ माना जाता है।
इस दिन कम से कम सात बार हनुमान चालीसा का पाठ अवश्य करें।
हनुमान मंदिर में जाकर अपने सामर्थ्य के अनुसार भगवा ध्वज अवश्य चढ़ाएं। इस उपाय को करने पर बड़ी से बड़ी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा।
इस दिन ऊं हं हनुमते नम: मंत्र का जाप जरूर करना चाहिए।
इसके अलावा भगवान को लड्डू का भोग लगाना चाहिए।
शाम को चंद्रोदय होने पर भोजन करके अपना व्रत पूर्ण कर लेना चाहिए।
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। stpv.live एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।)


