स्वास्थ्य सहकार और महिला सशक्तिकरण को बढ़ा रही मोहन सरकार

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मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव की सरकार स्वास्थ्य, सहकारिता और महिलाओं को सीधे-सीधे आर्थिक लाभ पहुंचाने वाली योजनाओं के मामले में लगातार कीर्तिमान स्थापित कर रही है। इस बारे में एक ओर विपक्ष द्वारा फैलाए गए भ्रम खत्म किये जा रहे हैं। तो वहीं आम आदमी के हित में निर्णायक कदम उठाने जाना जारी हैं। एक प्रकार से देखा जाए तो नागरिकों को स्वावलंबी बनाने के क्षेत्र में एक के बाद एक नवाचार किया जा रहे हैं। यदि स्वास्थ्य और चिकित्सा क्षेत्र की बात की जाए तो यहां भी मध्य प्रदेश की डॉक्टर मोहन यादव सरकार ने अनेक कदम उठाए हैं । इस तरह का जिक्र करते हुए उन्हें स्पष्ट करते हुए भी देखा गया कि पहले की सरकारों ने स्वास्थ्य सेवाओं के मामले में अनेक गलतियां की थीं । लेकिन हम इसे लगातार सुधार रहे हैं। इस बाबत अनेक महत्वपूर्ण कदम उठाए जा चुके हैं। उदाहरण के लिए- पहले चिकित्सा और मेडिकल शिक्षा, यह दोनों अलग-अलग विभाग थे। इससे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता था। लेकिन अब इन दोनों विभागों को मिलाकर एक कर दिया गया है। फल स्वरुप मध्य प्रदेश के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलने लगी है और आगे भी सुधार बने रहेंगे। एक और सेवा जो आम आदमी के लिए संजीवनी सिद्ध हो रही है, वह है एयर एंबुलेंस सेवा। दूरस्थ इलाकों में से इलाज के लिए यदि किसी गंभीर मर्ज के शिकार रोगी को किसी बड़े अस्पताल में, बड़े महानगर तक पहुंचना है, तो एयर एंबुलेंस सेवा ऐसे लोगों के लिए मुफीद साबित हो रही है। मध्य प्रदेश सरकार उन अफवाहों पर भी अंकुश लगाने में सफल साबित हुई है जो विपक्षी नेताओं द्वारा अपने राजनीतिक लाभ के लिए निरंतर फैलाई जा रही हैं। उनमें से एक अफवाह है लाडली बहना योजना का बंद किया जाना। जब से यह योजना लागू हुई है तभी से विपक्ष दावे करता रहा है कि यह योजना चुनावी फायदे के लिए शुरू की गई थी। इसे कभी भी बंद किया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में उठाए गए विभिन्न सवालों के जवाब में यह स्पष्ट किया जा चुका है कि यह योजना बंद नहीं की जाएगी। एक और शिगूफा आम जनता के बीच छोड़ा गया है। वह यह है कि लाखों की तादाद में लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं। सरकार यह भ्रम मिटाने में भी सफल रही है। संबंधित विभाग की मंत्री ने पूरी जिम्मेदारी के साथ डॉक्टर मोहन यादव सरकार का पक्ष रखते हुए कहा है कि जिन महिलाओं के नाम हटाए गए हैं उनमें से लगभग 16000 महिलाओं की मृत्यु हो गई है, जबकि 3 लाख से अधिक महिलाएं 60 साल की उम्र पार कर चुकी हैं । लिहाजा उनके नाम तो हटने ही थे इसलिए हटाए गए हैं। ज्ञात ही है कि अधिक उम्र की महिलाओं को वृद्धावस्था पेंशन और आयुष्मान योजना में व्यापक लाभ दिए जा रहे हैं। इस स्पष्टीकरण के बाद मुख्यमंत्री मोहन यादव यह भ्रम मिटाने में भी सफल साबित हुए हैं कि लाडली बहन योजना की लाभार्थी महिलाओं के नाम काटे जा रहे हैं। इन दिनों मध्य प्रदेश सरकार ने जो कदम उठाए हैं, उनसे यह भी स्पष्ट हो चला है कि सहकारिता के क्षेत्र में भी हम लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उदाहरण के लिए इस व्यवस्था के तहत प्रदेश भर में जो दूध एकत्रित किया जाता है, उस पर मुख्यमंत्री ने बोनस देने की व्यवस्था की है । इससे गौ पलकों में दूध उत्पादन को लेकर उत्साह का वातावरण है। उल्लेखनीय कि अभी तक दूध पर बोनस केवल गुजरात में ही दिया जा रहा था। इसे मध्य प्रदेश में लागू करने से दुग्ध उत्पादन तो बढ़ेगा ही, इस क्षेत्र में काम कर रही सहकारिता संस्थाएं किसानों और गाय पालने वालों का भला कर पाएंगी। एक और बड़ी खुशखबरी यह है कि सरकार ने इसे ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त हुए अनुबंधों से जोड़ने का काम शुरू कर दिया है । इससे एक तो उद्योग जगत में क्रांति आएगी। दूसरी बात यह कि छोटे स्तर पर सहकारिता से जुड़े हुए ग्रामीण, शहरी और कृषक वर्ग आर्थिक रूप से मजबूत हो पाएंगे। शायद इसी कार्य प्रणाली के तहत मध्य प्रदेश शासन सहकारिता से जुड़ी संस्थाओं और उनके सदस्यों के लिए माइक्रो एटीएम सुविधा शुरू करने जा रही है। इससे सहकारी कार्यकर्ताओं को पैसे निकालने या जमा करने के लिए बार बार बैंक जाने की झंझट से छुटकारा मिल सकेगा। सहकारी कार्यकर्ता अच्छी तौर अधिक उत्साहित होकर आगे बढ़ें, इसके लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाली पैक्स, दुग्ध सहकारी संस्थाओं और मत्स्य पालन सहकारी संस्थाओं को पुरुस्कार भी दिए जा रहे हैं। हाल ही में अनेक जिलों की संस्थाओं को पुरस्कृत भी किया गया है। उपरोक्त कार्य प्रणाली पर गौर करें तो डॉक्टर मोहन यादव सरकार शहर, गांव, खेत खलियान और उद्योग के क्षेत्र में लगातार जनउपयोगी और जनहितार्थ कदम उठाती नजर आ रही है । जिसकी सराहना की जानी चाहिए।

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