स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में युद्ध की आहट : अमेरिकी सेना ने ईरान के दो तेल टैंकरों को बनाया निशाना
दुबई, संयुक्त अरब अमीरात : स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। अमेरिकी सैन्य बलों ने ईरान के दो तेल टैंकरों पर हमला कर उन्हें पूरी तरह बेकार कर दिया है। समाचार एजेंसी एपी की रिपोर्ट के अनुसार, इस संवेदनशील समुद्री इलाके में पूरी रात दोनों सेनाओं के बीच जबरदस्त गोलीबारी हुई। इसी बीच संयुक्त अरब अमीरात ने भी दावा किया है कि उस पर ईरान की ओर से मिसाइलों और ड्रोनों के जरिए हमला किया गया है। इन नई घटनाओं ने मिडिल ईस्ट में बड़े संघर्ष की आशंका को जन्म दे दिया है।
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अभी अभी खबर मिली है कि स्ट्रेट ऑफ हरमूज Strait Of Hormuz पर ईरानी सैनिकों ने दो जहाज़ों को निशाना बनाया है।#IranWar #Oil #Hormuz #UAE #AmericaIranWar pic.twitter.com/wUlv6uWah3— Asra Naaz (@Asra_naazz) May 9, 2026
अमेरिकी नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश में हुआ टकराव
अमेरिकी सैन्य अधिकारियों के मुताबिक, ईरान के ये टैंकर उस प्रतिबंध और नाकेबंदी को तोड़ने का प्रयास कर रहे थे जो अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों पर लगा रखी है। अमेरिकी सेना ने बयान जारी कर कहा है कि उसने उन दोनों टैंकरों को सफलतापूर्वक रोककर उन्हें काम करने लायक नहीं छोड़ा है। इससे कुछ समय पहले ही अमेरिकी सेना ने यह जानकारी भी दी थी कि उसने अपने नौसैनिक जहाजों पर होने वाले तीन हमलों को नाकाम कर दिया और इसके जवाब में होर्मुज में स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया।
फरवरी से बंद है समुद्री मार्ग, वैश्विक बाजार में खलबली
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के बीच छिड़ी जंग के बाद से ईरान ने ऊर्जा आपूर्ति के लिए सबसे महत्वपूर्ण माने जाने वाले इस जलमार्ग को बंद कर रखा है। इसके चलते दुनियाभर में ईंधन और एलपीजी की कीमतों में भारी तेजी आई है, जिससे वैश्विक बाजार अस्थिर हो गए हैं। अप्रैल में अमेरिका और ईरान के बीच शांति के लिए चल रही बातचीत विफल होने के बाद अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी और कड़ी कर दी थी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी बयानबाजी और शांति की कोशिशें
इस घटना पर अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि अगर ईरान अमेरिकी हितों को चुनौती देगा, तो उसे इसी तरह की जवाबी कार्रवाई झेलनी होगी। वहीं, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इसे एक बड़ी उकसावे वाली घटना बताया है और अमेरिका पर संघर्षविराम के उल्लंघन का आरोप लगाया है। इस बीच, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने कहा है कि उनका देश दोनों देशों के बीच शांति समझौता कराने और सीजफायर को आगे बढ़ाने के लिए लगातार संपर्क में है। हालांकि, परमाणु कार्यक्रम और जलमार्ग पर नियंत्रण को लेकर जारी गतिरोध के कारण फिलहाल शांति की उम्मीद कम ही नजर आ रही है।
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