स्टार्टअप नीति में संशोधन को मंजूरी, केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन फरवरी में

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में मंत्रि-परिषद के निर्णय
चिकित्सा महाविद्यालय, रीवा के अंतर्गत सुपरस्पेशिलिटी अस्पताल के लिए 164 करोड़ 49 लाख रूपये की स्वीकृति

भोपाल। मुख्यमंत्री डा. मोहन यादव की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय में कैबिनेट की बैठक हुई। इस बैठक में स्टार्टअप नीति में संशोधन का प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसे सर्वसम्मति से मंजूरी दी गई। इसमें अब यह प्रविधान किया गया है कि राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने वाले प्रदेश के स्टार्टअप को प्रतिपूर्ति राशि दी जाएगी। राष्ट्रीय स्तर के सम्मेलन में भाग लेने पर 50 हजार और अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में भाग लेने पर डेढ़ लाख रुपये तक की प्रतिपूर्ति होगी। सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग विभाग ने यह प्रस्तावित किया था कि राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए स्टार्टअप को प्रोत्साहन राशि दी जाए। इसके अलावा बैठक में विभागीय जांच संबंधी कुछ अन्य निर्णय भी लिए गए। कैबिनेट बैठक में रीवा में सुपर स्पेशिलटी हॉस्पिटल के विस्तार के लिए लगभग ₹164 करोड़ की स्वीकृति दी गई।

मंत्रालय में मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन, मोदी, गडकरी का जताया आभार
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रिपरिषद की बैठक से पहले अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना के लिए धन्यवाद दिया तथा मध्यप्रदेश को 10,405 करोड़ रुपये की सड़क परियोजनाओं की सौगात देने के लिए केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी का आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग दो दशक से लंबित पार्वती-काली सिंध-चंबल लिंक परियोजना, प्रधानमंत्री मोदी की पहल से अब मूर्त रूप ले सकेगी। इससे मध्य प्रदेश के मालवा और चंबल क्षेत्र के 12 जिले और पूर्वी राजस्थान के 13 जिले लाभान्वित होंगे। इन क्षेत्रों में पेयजल की उपलब्धता बढ़ेगी तथा, सिंचाई और औद्योगिक उपयोग के लिए भी पानी उपलब्ध होगा। उन्होंने जानकारी दी कि 75000 करोड़ की इस परियोजना में राज्यांश मात्र 10 प्रतिशत है, 90 प्रतिशत राशि केंद्र शासन द्वारा उपलब्ध कराई जाएगी।

फरवरी में होगा भूमिपूजन : केन-बेतवा लिंक परियोजना का भूमि पूजन फरवरी 2024 में होगा।केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी द्वारा कृषि और उद्योग क्षेत्र के संबंध में दिए गए सुझावों के क्रियान्वयन तथा इस संबंध में आवश्यक समन्वय के लिए विशेष टास्क फोर्स गठित किया जाएगा।

इसलिए किया संशोधन : दरअसल स्टार्टअप से जुड़ी राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने के लिए पंजीयन कराना होता है। इसका शुल्क अधिक होता है, जिसके कारण स्टार्टअप इनमें सम्मिलित नहीं होते हैं। जबकि, ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेने से अनुभव मिलता है और संपर्क भी बनते हैं, जो व्यापार को बढ़ाने में सहायक होते हैं।

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