संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा (केएमएम) ने फसलों के लिए एमएसपी न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी सहित विभिन्न मांगों को लेकर दिल्ली की ओर बढ़ने का ऐलान किया था, इसके बाद हरियाणा सरकार ने फरवरी माह में अंबाला-नयी दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर बैरिकेडिंग कर दी थी. सुप्रीम कोर्ट ने किसान आंदोलन के दौरान प्रदर्शन कर रहे 22 वर्षीय युवक की मौत की न्यायिक जांच के खिलाफ हरियाणा की याचिका पर सुनवाई टालते हुए, अब शंभू बॉर्डर पर लगाए गए बैरिकेडिंग हटाने का आदेश दिए हैं. सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को फटकार तो लगाई ही है, अदालत ने महत्वपूर्ण टिप्पणी करते हुए हरियाणा सरकार से सवाल किया कि- सरकार राजमार्ग को कैसे अवरुद्ध कर सकती है? हम कह रहे हैं कि- अंबाला के पास वाले शंभू बॉर्डर पर लगाए गए अवरोधक हटाकर यातायात नियंत्रित करो. याद रहे, कुछ समय पहले ही पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने एक हफ्ते के अंदर बैरिकेडिंग हटा कर शंभू बॉर्डर को खोलने का आदेश दिया था, जहां अपनी विभिन्न मांगों को लेकर किसान 13 फरवरी से शंभू बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं.


