एजेंसी, नई दिल्ली। सीबीआई की बड़ी कार्रवाई : केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए नेशनल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के एक प्रबंधक और एक जांच अधिकारी को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इन दोनों पर रिश्वत के मामले में संलिप्त होने का गंभीर आरोप है। यह कार्रवाई तब हुई जब वे एक निजी अस्पताल से जुड़ी फाइल को आगे बढ़ाने के बदले पैसे की मांग कर रहे थे।
CBI Arrests Manager and Investigator of the National Insurance Company Ltd. in a Bribery Case pic.twitter.com/CrgLjjlKeJ
— Central Bureau of Investigation (India) (@CBIHeadquarters) April 7, 2026
कैशलेस सुविधा शुरू करने के लिए मांगी थी रिश्वत
पूरा मामला हरियाणा के मानेसर से जुड़ा है। सीबीआई अधिकारियों के अनुसार, मानेसर स्थित एक निजी अस्पताल में कैशलेस चिकित्सा सुविधा को फिर से बहाल करने के लिए इन अधिकारियों ने शिकायतकर्ता से अनुचित लाभ की मांग की थी। इन दोनों आरोपियों को नेशनल इंश्योरेंस कंपनी की ओर से अस्पताल की जांच का जिम्मा सौंपा गया था, जिसका फायदा उठाते हुए उन्होंने तीन लाख रुपये की मांग रखी थी।
सीबीआई का जाल और आरोपियों की गिरफ्तारी
सीबीआई प्रवक्ता ने बताया कि बातचीत के बाद आरोपी 2,60,000 रुपये लेने पर राजी हो गए थे। शिकायतकर्ता पहले ही रिश्वत के तौर पर एक लाख रुपये दे चुका था। मंगलवार को जब बाकी के 1.6 लाख रुपये देने की बात हुई, तब सीबीआई ने जाल बिछाकर जांच अधिकारी को रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए पकड़ लिया।
मैनेजर की भूमिका भी आई सामने
शुरुआती जांच और पूछताछ के दौरान नेशनल इंश्योरेंस कंपनी के प्रबंधक की संलिप्तता के भी पुख्ता सबूत मिले। इसके बाद केंद्रीय एजेंसी ने प्रबंधक और जांच अधिकारी दोनों को हिरासत में ले लिया। फिलहाल सीबीआई इस मामले में और सबूत जुटा रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या इस तरह के खेल में कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं। इस गिरफ्तारी के बाद सरकारी बीमा क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।
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