सिंगापुर| सिंगापुर में करीब एक दशक बाद हुए राष्ट्रपति के चुनाव में भारतीय मूल के थरमन शणमुगारत्नम ने बाजी मार ली है। थरमन शणमुगारत्नम चुनाव में 70 फीसदी से अधिक मत मिले हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी थर्मन को सिंगापुर का राष्ट्रपति चुने जाने पर बधाई देते हुए कहा कि मैं भारत-सिंगापुर रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने को लेकर आशान्वित हूं। इससे पहले राष्ट्रपति चुनाव में शुक्रवार को लोगों ने बड़ी संख्या में मतदान किया। त्रिकोणीय मुकाबले में भारतीय मूल के पूर्व मंत्री थरमन शणमुगारत्नम भी किस्मत आजमा रहे हैं। पात्र मतदाताओं ने सुबह आठ बजे से ही मतदान केंद्रों पर पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग करना आरंभ कर दिया था। सभी को मतदान करना आवश्यक है जिसके लिए सरकार ने शुक्रवार को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है।
चुनाव विभाग (ईएलडी) ने बताया कि पात्र मतदाताओं में से अपराह्न तीन बजे तक 20,04,961 यानी 74 प्रतिशत मतदाताओं ने मतदान कर दिया था। सिंगापुर में 27 लाख से अधिक लोग मतदान के पात्र हैं। मतदान केंद्र रात्रि आठ बजे तक खुले रहेंगे। इसके बाद मतगणना आरंभ होगी। मतदान पूर्ण होने के बाद अंतिम मतगणना पूर्ण होने से पहले शुक्रवार को ही सिंगापुरवासियों को रात करीब 10-11 बजे के बीच राष्ट्रपति चुनाव के नतीजे का प्रारंभिक संकेत मिल जाएगा। द स्ट्रेट्स टाइम्स की एक खबर के अनुसार, ईएलडी मतगणना के नमूना आधारित परिणाम वेबसाइट पर प्रकाशित करेगी जिसका रात्रि आठ बजे मतदान समाप्त होने के दो से तीन घंटे बाद पूरा होने की उम्मीद है।
eld वेबसाइट के अनुसार, जब मतगणना चल रही होती है और परिणाम आने वाले होते हैं तो मतगणना के नमूने को जारी करने से अनौपचारिक स्रोतों से अटकलों और गलत सूचनाओं को रोकने में मदद मिलती है। मतगणना का नमूना 95प्र. तक सही होता है जबकि इसके गलत होने का आंकड़ा महज चार प्रतिशत है। देश के नौवें राष्ट्रपति के लिए हो रहे मुकाबले में थरमन के अलावा दो अन्य उम्मीदवार भी हैं। इनमें पहले सिंगापुर सरकार इन्वेस्टमेंट कॉर्प के पूर्व मुख्य निवेश अधिकारी एन. कोक सोंग और देश के सरकारी स्वामित्व वाले बीमा समूह एनटीयूसी इनकम के पूर्व प्रमुख टेन किन लियान हैं।
निवर्तमान राष्ट्रपति हलीमा याकूब का छह वर्ष का कार्यकाल 13 सितंबर को समाप्त हो रहा है। वह देश की आठवीं राष्ट्रपति हैं और इस पद पर पहुंचने वाली पहली महिला हैं। सिंगापुर में वर्ष 2017 का राष्ट्रपति चुनाव एक आरक्षित चुनाव था जिसमें केवल मलय समुदाय के सदस्यों को चुनाव लड़ने की अनुमति थी। उस दौरान हलीमा को राष्ट्रपति नामित किया गया था क्योंकि कोई अन्य उम्मीदवार नहीं था। सिंगापुर में वर्ष 2011 के बाद यह पहला राष्ट्रपति चुनाव है।
भारतीय मूल के सिंगापुर में जन्मे 66 वर्षीय अर्थशास्त्री शणमुगारत्नम ने देश की संस्कृति को दुनिया में “उज्ज्वल” बनाए रखने के संकल्प के साथ पिछले महीने औपचारिक रूप से राष्ट्रपति पद के लिये अपना अभियान शुरू किया था। वह सख्त मानदंडों के तहत चुने गए तीन उम्मीदवारों में से एक हैं। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी करने वाले उम्मीदवारों के लिए कड़ी योग्यता प्रक्रिया है। राजनीति में 2001 में आए शणमुगारत्नम ने दो दशक से अधिक समय तक सत्तारूढ़ पीपुल्स एक्शन पार्टी (पीएपी) के साथ सार्वजनिक क्षेत्र के और मंत्री पदों पर कार्य किया है। सिंगापुर में राष्ट्रपति पद के लिए पहला चुनाव 28 अगस्त 1993 को हुआ था।


