श्री श्री रविशंकर

श्री श्री रविशंकर के जन्म उत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- शांत मन ही सेहतमंद शरीर का असली आधार है

देश/प्रदेश प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

श्री श्री रविशंकर के जन्म उत्सव पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा- शांत मन ही सेहतमंद शरीर का असली आधार है

एजेंसी, भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने संबोधन में भारतीय जीवन दर्शन की महत्ता बताते हुए कहा कि हमने कभी भी ताकत या अस्त्र-शस्त्र के दम पर दुनिया पर हुकूमत करने की कोशिश नहीं की। भारत ने हमेशा विश्वशक्ति बनने के बजाय दुनिया का मार्गदर्शन करने वाले गुरु का स्थान चुना है। हमारी सोच सदैव सबके कल्याण और वैश्विक सुख की कामना करने वाली रही है। मुख्यमंत्री ने जीवन जीने के सलीके को समझाते हुए कहा कि मन की शांति ही शरीर के स्वास्थ्य का असली योग है। जब व्यक्ति का मन भीतर से शांत और स्थिर हो ता है, तभी उसका शरीर सही संतुलन और आरोग्य को प्राप्त करता है। यही जीवन जीने की सच्ची कला है। पूरी दुनिया को एक परिवार मानने वाली हमारी सनातन परंपरा के इसी पावन संदेश को श्री श्री रविशंकर पूरी दुनिया में फैला रहे हैं। उन्होंने विश्व के करोड़ों लोगों को मानसिक तनाव और चिंताओं से मुक्त कराकर एक सुखी और सेहतमंद जीवन जीने का रास्ता दिखाया है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव रविवार को कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित उदयपुरा में बने आध्यात्मिक केंद्र में आयोजित एक भव्य वैश्विक समारोह को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यक्रम आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रविशंकर के सत्तरवें जन्म उत्सव और उनकी संस्था के पैंतालीस वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर आध्यात्मिक गुरु से कहा कि वे स्वयं मध्यप्रदेश की साढ़े आठ करोड़ जनता की तरफ से उन्हें दीर्घायु होने की मंगलकामनाएं देने बेंगलुरु पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले सात दशकों से उनकी सकारात्मक ऊर्जा और दया का भाव इस भागदौड़ भरी जिंदगी में भी हर दिन एक नई प्रेरणा देता है। जीवन जीने की यह अनूठी कला पूरी दुनिया के लिए एक अनमोल उपहार है, जो सेवा, ईश्वर की साधना और आंतरिक शांति का सबसे सुंदर मेल है। यह मार्ग पवित्र ग्रंथ गीता में बताए गए बिना किसी स्वार्थ के कर्म करने के सिद्धांत और जिंदगी को एक उत्सव की तरह खुलकर जीने के तरीके का एक आधुनिक वैश्विक रूप है। यह केवल जीवन गुजारने का तरीका नहीं है बल्कि जिंदगी को सही मायने में सार्थक बनाने का एक पवित्र रास्ता है। इस संस्था ने लोगों को योग, प्राणायाम, ध्यान और अपनी प्राचीन संस्कृति की जड़ों से जोड़कर आत्मिक सुकून दिया है। लगभग एक महीने तक चलने वाला यह अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन असल में पूरी मानवता के कल्याण का उत्सव है। उन्होंने कहा कि जहां लोगों के मन शांत होते हैं, वहां एक खुशहाल समाज का निर्माण होता है।

मुख्यमंत्री ने इस आध्यात्मिक संगठन द्वारा किए जा रहे सामाजिक और लोक कल्याणकारी कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि आप सभी भारत की प्राचीन ध्यान, योग साधना, अंतर्मन की खोज और विशेष सांस लेने की क्रिया जैसी पुरानी परंपराओं को दोबारा जीवित कर हर इंसान, समाज और पूरे देश को आगे बढ़ा रहे हैं। बेंगलुरु के इस सुंदर केंद्र में आकर किसी दिव्य लोक जैसी अनुभूति हो रही है। हमारी संस्कृति में अनेक भाषाओं का संगम है। भाषा चाहे कोई भी हो, इंसान के चेहरे के भाव ही सब कुछ बयां कर देते हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज अयोध्या में भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बनकर तैयार हो चुका है। गुजरात के सोमनाथ में भी इस आध्यात्मिक संस्था के सहयोग से एक भव्य उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी हर एक सांस के साथ जीवन और मृत्यु का चक्र निरंतर चलता रहता है और यह पूरी तरह से ईश्वर के अधीन है। इस केंद्र में दुनिया भर से लोग खुद को जानने और आत्म साक्षात्कार के लिए आते हैं। हमारी परंपरा में गुरु ही वह माध्यम हैं जो हमें अज्ञानता के अंधेरे से निकालकर ज्ञान के प्रकाश की ओर ले जाते हैं। मुख्यमंत्री ने मनुष्य की बुनियादी आवश्यकताओं का जिक्र करते हुए कहा कि इंसान भोजन के बिना तीस दिनों तक और पानी के बिना सात दिनों तक जीवित रह सकता है, लेकिन गुरुदेव ने हमें अपनी सांसों की ताकत से परमानंद और फिर सीधे परमात्मा से जुड़ने का अनूठा मार्ग दिखाया है।

इस सांसारिक जीवन में हर मनुष्य का समय तय है। हमारा यह जीवन पूरी ऊर्जा के साथ प्रकृति से जुड़ा रहे, इसके लिए संस्था द्वारा चलाए जा रहे सामाजिक सेवा के सभी कार्य बहुत महत्वपूर्ण हैं। इस पावन परिसर से लोगों को सांस्कृतिक चेतना और शांति का सही मार्ग मिलता है। मुख्यमंत्री ने बाबा महाकाल के जयकारे के साथ गुरुदेव को जन्मदिन की ढेरों बधाई दी। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे दीर्घायु हों और लंबे समय तक समाज का मार्गदर्शन करते रहें। इस भव्य कार्यक्रम में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार रखे। मीडिया जगत के प्रमुखों ने कन्नड़ भाषा में बोलते हुए गुरुदेव को वैश्विक शांति का दूत बताया और कहा कि उन्होंने दुनिया को सिर्फ जीवन जीने की कला ही नहीं बल्कि आपस में प्रेम करने का सलीका भी सिखाया है। इस बड़े वैश्विक आयोजन में तेलंगाना के राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला, अपनी पत्नी जानकी शुक्ला के साथ शामिल हुए। इनके अलावा केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव, केंद्रीय कोयला मंत्री जी. किशन रेड्डी, उत्तर प्रदेश के राज्यमंत्री दिनेश प्रताप सिंह, प्रसिद्ध फिल्म अभिनेता जैकी श्रॉफ और देश के बड़े उद्योगपति जलस दानी भी इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनने के लिए विशेष रूप से उपस्थित रहे।

ये भी पढ़े : शिप्रा तीर्थ महोत्सव : उज्जैन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव चढ़ाएंगे 300 फीट लंबी चुनरी, ‘जल गंगा संवर्धन अभियान’ बनेगा जन-आंदोलन

ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें

Leave a Reply