कैबिनेट की बैठक में 614 करोड़ 53 लाख लागत की परियोजना स्वीकृत।
सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना से पानी के स्टोरेज में मिलेगी मदद।
65 ग्रामों की 18 हजार 800 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई उपलब्ध होगी।
भोपाल। वर्ष 2028 में होने वाले सिंहस्थ की तैयारियों में सरकार जुटी है। शिप्रा नदी को निर्मल और प्रवाहमान बनाए रखने के लिए सिलारखेड़ी बांध की जल संग्रहण क्षमता को बढ़ाया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में 614 करोड़ 53 लाख रुपये की लागत वाली सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना को स्वीकृति दी गई। वहीं, पीथमपुर में मल्टी माडल लाजिस्टिक पार्क की स्थापना से प्रभावित जामोदी गांव की भूमि की कलेक्टर गाइडलाइन कम होने के कारण ग्राम जामोदी के प्रभावित 85 भू-धारकों को प्राप्त मुआवजा राशि के अंतर की राशि का स्पेशल पैकेज देने की स्वीकृति भी दी गई। संग्रहित जल से शिप्रा नदी को प्रवाहमान बनाए रखने तथा चितावद वृहद परियोजना में जल को संग्रहित करके लगभग 65 ग्रामों की 18 हजार 800 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इसी तरह नर्मदापुरम जिले के डोकरीखेड़ा जलाशय के शेष कमांड एरिया को पिपरिया शाखा नहर से जल उदवहन कर दाबयुक्त सूक्ष्म सिंचाई पद्धति से सिंचित करने के लिए 49 करोड़ 94 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई। इससे 12 ग्रामों की 2,940 हेक्टेयर भूमि में रबी फसलों के लिए सिंचाई सुविधा मिल सकेगी।
किसानों के लिए 30 करोड़ रुपये का विशेष पैकेज
कैबिनेट की बैठक में भारतमाला परियोजना अंतर्गत धार जिले की पीथमपुर तहसील में मल्टी माडल लाजिस्टिक पार्क की स्थापना से प्रभावित जामोदी गांव के भू-धारकों को विशेष पैकेज दिया जाएगा। दरअसल, जामोदी के सभी 85 भू-धारक के लिए अन्य ग्रामों की भूमि की तुलना में भूमि की कलेक्टर गाइडलाइन कम होने के कारण राशि कम मिली। इसके लिए निर्धारित किया गया कि अंतर की राशि 24 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से 63.581 हेक्टेयर भूमि के लिए दोगुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके लिए 30 करोड़ 52 लाख रुपये का विशेष पैकेज स्वीकृत किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के लिए 18 पद स्वीकृत
कैबिनेट की बैठक में लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के लिए 18 नए पद स्वीकृत किए गए।
इसमें संचालक, वरिष्ठ संयुक्त संचालक, उप संचालक तथा सहायक संचालक के पद शामिल हैं।
वहीं, संचालनालय चिकित्सा शिक्षा व संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं कार्यालयों के कुल 636 पदों का संविलियन करते हुए संचालनालय लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा बनाने का निर्णय लिया गया।
उधर, चिकित्सा महाविद्यालय सागर में स्नातक और स्नातकोत्तर की सीट में वृद्धि के लिए जिला चिकित्सालय एवं चिकित्सा महाविद्यालय के अस्पताल का विलय करने की स्वीकृति दी गई।
पात्रता एवं उपलब्ध रिक्तियों के अनुसार चिकित्सकों को समायोजित किया जाएगा।
इसके बाद भी जो चिकित्सक रह जाएंगे, उन्हें विभाग के अन्यत्र संस्थानों में स्थानांतरित किया जाएगा।


