शिक्षामंत्री रामदास सोरेन को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्यपाल समेत नेता विपक्ष ने दी श्रद्धांजलि, राजकीय शोक, पैतृक गांव में होगा अंतिम संस्कार

झारखंड देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, विधानसभा अध्यक्ष रवींद्र नाथ महतो, विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी और मंत्रियों, विधायकों तथा नेताओं ने शनिवार को शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता सोरेन का शुक्रवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर आज सुबह रांची लाया गया और लोगों के अंतिम दर्शन के लिए विधानसभा परिसर में रखा गया। संसदीय कार्य मंत्री राधाकृष्ण किशोर, कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश, राज्यसभा सदस्य महुआ माझी सहित अन्य लोगों ने विधानसभा परिसर में सोरेन को श्रद्धांजलि दी। झारखंड के राज्यपाल ने सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैं एक हफ्ते पहले अस्पताल में उनसे मिलने गया था। मुझे बताया गया कि उनका मस्तिष्क मृत हो चुका है। ऐसी स्थिति में उनके ठीक होने की संभावना बहुत कम थी। चिकित्सकों ने अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया।’’ राज्यपाल ने शोकसंतप्त परिवार के सदस्यों से भी मुलाकात की और संवेदना व्यक्त की। गंगवार ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘रामदास सोरेन जी का असामयिक निधन राज्य के लिए अपूरणीय क्षति है।’’ विधानसभा अध्यक्ष महतो ने कहा, ‘‘रामदास सोरेन पृथक झारखंड आंदोलन के सिपाही और योद्धा थे।

बाद में वह विधायक और फिर मंत्री बने। उन्हें स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग का प्रभार दिया गया था और वह अच्छा काम कर रहे थे। वह बहुत ही सरल और लोकप्रिय नेता थे। उनका निधन राज्य के लिए बहुत बड़ी क्षति है।’’ परिवहन, राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री दीपक बिरुआ ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की ओर से सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो अपने पिता और पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के श्राद्ध कर्म के लिए रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हैं। झामुमो नेता का पार्थिव शरीर आज सुबह रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे लाया गया और विधानसभा परिसर में रखा गया ताकि मंत्री, विधायक और नेता उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर सकें। इससे पहले झामुमो और कांग्रेस के कई नेता रांची हवाई अड्डे पहुंचे और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की। सोरेन के निजी सचिव अजय सिन्हा ने एक बयान में कहा कि पार्थिव शरीर को उनके विधानसभा क्षेत्र घाटशिला ले जाया जाएगा, जहां यह मऊ भंडार मैदान और झामुमो शिविर कार्यालय में रखा जाएगा। झामुमो नेता को दो अगस्त को आवास में बाथरूम में गिरने के बाद जमशेदपुर से राष्ट्रीय राजधानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोरेन (62) की हालत गंभीर थी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया था।

झारखंड में शिक्षा मंत्री के निधन पर 1 दिन का राजकीय शोक
झारखंड सरकार ने शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन के निधन पर शनिवार को एक दिन का राजकीय शोक घोषित किया। जानकारी के अनुसार, झारखंड में सभी इमारतों पर राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और कोई भी आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। सोरेन का शुक्रवार रात दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था और उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह रांची लाया गया। बयान में कहा गया, ‘‘राज्य सरकार ने मंत्री के सम्मान में 16 अगस्त को एक दिन का राजकीय शोक रखने का फैसला किया है।’’ इसमें कहा गया कि सभी भवनों में राष्ट्रीय ध्वज आधा झुका रहेगा और इस दौरान कोई भी आधिकारिक समारोह आयोजित नहीं किया जाएगा। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के नेता को दो अगस्त को आवास में बाथरूम में गिरने के बाद जमशेदपुर से राष्ट्रीय राजधानी के अस्पताल में भर्ती कराया गया था। सोरेन (62) की हालत गंभीर थी और उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर रखा गया था।

शिबू सोरेन के पैतृक गांव में उनके श्राद्ध के लिए व्यापक व्यवस्थाएं
झारखंड के रामगढ़ में स्थित पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन के पैतृक गांव नेमरा में शनिवार को होने जा रहे श्राद्ध कर्म के लिए व्यापक व्यवस्थाएं की गई हैं। आधिकारिक जानकारी के अनुसार, राज्य की राजधानी रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर स्थित इस गांव में होने जा रहे श्राद्ध कर्म में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई गणमान्य लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। शिबू सोरेन का दिल्ली के एक अस्पताल में इलाज के दौरान निधन हो गया था। इस संबंध में एक अधिकारी ने कहा, ‘‘लोगों की संभावित भारी भीड़ को देखते हुए, सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए हैं। लोगों की सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के प्रबंधन के लिए नेमरा में एक समर्पित नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा के लिए भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के 10 अधिकारी, 60 पुलिस उपाधीक्षक, 65 निरीक्षक और 2,500 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। पुलिस, प्रशासनिक कर्मचारियों और स्वयंसेवकों वाली बहु-एजेंसी टीम प्रभावी भीड़ प्रबंधन, आपातकालीन परिस्थिति और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए चौबीसों घंटे कार्यरत रहेंगी।’’

श्राद्ध कर्म के लिए आदिवासी रीति-रिवाजों के अनुसार व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पांच अगस्त से ही गांव में हैं। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को परिवहन, स्वच्छता, भोजन वितरण, स्वास्थ्य सेवा, आवास और जन सुरक्षा जैसी सेवाओं के लिए निर्बाध समन्वय सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। अधिकारी ने कहा, ‘‘सुविधाजनक आवाजाही के लिए 300 से अधिक ई-रिक्शा निर्धारित पार्किंग क्षेत्रों और कार्यक्रम स्थल के बीच चलाए जाएंगे। तीन बड़े पार्किंग क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जिनमें से प्रत्येक में जैव शौचालय बनाए गए हैं। सके अलावा, आगंतुकों की सुविधा के लिए विश्राम स्थल और विशेष पैदल मार्ग भी बनाए गए हैं।’’ तीन बड़े भोजन पंडालों में खानपान की व्यवस्था की गई है, जहां पारंपरिक श्राद्ध भोजन और प्रसाद परोसा जाएगा। गुरुजी के नाम से प्रख्यात रहे शिबू सोरेन के जीवन और योगदान की स्मृति में एक विशेष प्रदर्शनी और स्मृति दीर्घा भी स्थापित की जा रही है। इस प्रदर्शनी में दुर्लभ तस्वीरें, ऐतिहासिक दस्तावेज और उनके राजनीतिक जीवन के प्रमुख पड़ाव प्रदर्शित किए जाएंगे, जिनमें आदिवासी कल्याण और जनसेवा में उनके योगदान पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। श्राद्ध कर्म में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की उम्मीद है।

Leave a Reply