भोपाल। कैबिनेट से स्वीकृति के बाद आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) और विशेष पुलिस स्थापना लोकायुक्त के तीन नए संभागीय कार्यालय वर्ष 2026 के अंत तक शुरू करने की तैयारी है। शहडोल, मुरैना और नर्मदापुरम में यह कार्यालय खोले जाएंगे। तीनों जगह बनाए जाने वाले भवन में आरोपितों को रात में रखकर पूछताछ की व्यवस्था भी रहेगी। यह कार्यालय खुलने का सबसे बड़ा लाभ शिकायतकर्ताओं को मिलेगा। अभी उन्हें सौ से डेढ़ सौ किमी तक चलकर शिकायत या बयान दर्ज कराने के लिए जाना पड़ता है।
उदाहरण के रूप में शहडोल के शिकायतकर्ता को रीवा, नर्मदापुरम वाले को भोपाल आना पड़ता है। पुलिस को भी ट्रेपिंग में आसानी हो जाएगी। इसके साथ ही काम बंटने से शिकायतों की जांच और अभियोजन में तेजी आएगी। अभी शिकायत दर्ज होने के बाद डेढ़ से दो वर्ष जांच के बाद प्राथमिकी (पीई) दर्ज हो पा रही है। प्रदेश में ईओडब्ल्यू और लोकायुक्त पुलिस की अभी भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, रीवा, उज्जैन और सागर में इकाई हैं। शिकायतों की जांच और अभियोजन में लोकायुक्त पुलिस से अधिक समय ईओडब्ल्यू में लग रहा है। कारण यह कि ईओडब्ल्यू में स्वीकृत अधिकारी-कर्मचारियों की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत ही कार्यरत हैं।


