मिताली बाग

लोकतंत्र पर प्रहार : हुगली में टीएमसी सांसद मिताली बाग के काफिले पर खूनी हमला, बंगाल में बढ़ता चुनावी तनाव

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, कोलकाता। लोकतंत्र पर प्रहार : पश्चिम बंगाल के हुगली जनपद में चुनावी समर के मध्य हिंसा का एक भयावह रूप सामने आया है। गोगहाट के समीप तृणमूल कांग्रेस की सांसद मिताली बाग के काफिले को उपद्रवियों ने निशाना बनाते हुए ईंटों, पत्थरों और लाठियों से प्राणघातक प्रहार किया। यह हिंसक वारदात उस समय घटित हुई जब सांसद मिताली बाग आरामबाग क्षेत्र में आयोजित अभिषेक बनर्जी के रोड शो में सम्मिलित होने हेतु प्रस्थान कर रही थीं। आक्रमण इतना तीव्र था कि सांसद के वाहन के कांच पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गए, जिसके कारण मिताली बाग और उनके वाहन चालक को गंभीर शारीरिक चोटें आई हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए दोनों घायलों को तुरंत आरामबाग चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में उपचार हेतु ले जाया गया। अत्यंत व्यथित और रुआंसे स्वर में सांसद ने आपबीती सुनाते हुए कहा कि हमलावरों ने उन पर बड़े पाषाण खंडों से प्रहार किया था और वे किसी प्रकार अपनी रक्षा करने में सफल रहीं।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और सुरक्षा व्यवस्था की चुनौतियां

इस हिंसक घटना के उपरांत राज्य की सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी के मध्य राजनीतिक द्वंद्व और अधिक तीव्र हो गया है। तृणमूल कांग्रेस ने इस आक्रमण का सीधा उत्तरदायित्व भाजपा कार्यकर्ताओं पर मढ़ते हुए आरोप लगाया है कि केंद्रीय नेतृत्व के उकसावे वाले वक्तव्यों के कारण ऐसी घटनाओं को बल मिल रहा है। इसके विपरीत, भारतीय जनता पार्टी ने भी गोगहाट में अपने प्रत्याशी प्रशांत दिगार के वाहन पर हमले का दावा किया है। भाजपा का तर्क है कि तृणमूल के समर्थकों ने उनके उम्मीदवार को भयभीत करने हेतु कार पर हमला किया। इन परस्पर विरोधी घटनाओं ने समूचे क्षेत्र में असुरक्षा और भय का वातावरण निर्मित कर दिया है, जिसे नियंत्रित करने हेतु प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक पुलिस बल की तैनाती कर दी है। अभिषेक बनर्जी ने स्वयं अस्पताल पहुंचकर घायल सांसद से भेंट की और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।

निर्वाचन आयोग की सक्रियता और अवैध संपत्तियों की वृहद बरामदगी

पश्चिम बंगाल के चुनावों को भयमुक्त और निष्पक्ष संपन्न कराने हेतु निर्वाचन आयोग अत्यंत कठोर रुख अपनाए हुए है। आयोग द्वारा प्रस्तुत नवीनतम प्रतिवेदन के अनुसार, फरवरी माह से सत्ताईस अप्रैल दो हजार छब्बीस तक की अवधि में राज्य भर से पांच सौ दस करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की प्रतिबंधित सामग्री और नकद राशि हस्तगत की गई है। इस विशाल राशि में लगभग तीस करोड़ रुपये की नगदी, एक सौ छब्बीस करोड़ रुपये मूल्य की मदिरा और एक सौ दस करोड़ रुपये के मादक पदार्थ सम्मिलित हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह बरामदगी विगत निर्वाचन वर्षों की तुलना में कहीं अधिक है। पारदर्शी मतदान सुनिश्चित करने हेतु हजारों निगरानी दलों और उड़न दस्तों को सक्रिय किया गया है, जो अवैध प्रलोभनों और मादक पदार्थों की तस्करी पर निरंतर प्रहार कर रहे हैं।

सुरक्षा कमान में निरंतरता: पुलिस महानिदेशक के सेवाकाल का विस्तार

मतदान के महत्वपूर्ण चरणों से पूर्व केंद्र सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर एक बड़ा निर्णय लेते हुए पश्चिम बंगाल के पुलिस महानिदेशक सिद्ध नाथ गुप्ता के कार्यकाल को विस्तारित किया है। उन्नीस सौ बानवे बैच के वरिष्ठ भारतीय पुलिस सेवा के अधिकारी सिद्ध नाथ गुप्ता इसी माह तीस अप्रैल को सेवानिवृत्त होने वाले थे, किंतु निर्वाचन की संवेदनशीलता और सुरक्षा प्रबंधन की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें छह माह का अतिरिक्त सेवा विस्तार प्रदान किया गया है। ज्ञात हो कि निर्वाचन आयोग ने मार्च माह में ही उन्हें राज्य की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने की महती जिम्मेदारी सौंपी थी, और अब वे इस पूरी निर्वाचन प्रक्रिया के संपन्न होने तक अपने पद पर बने रहकर सुरक्षा व्यवस्था का मार्गदर्शन करेंगे।

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