एजेंसी, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उसे तुरंत आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी है। उन्होंने ईरान के नए सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई के जीवित होने पर भी गहरा संदेह व्यक्त किया है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मध्य पूर्व में जारी संघर्ष को रोकने के लिए वह किसी भी कमजोर समझौते के पक्ष में नहीं हैं। एक बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि तेहरान भले ही शांति की कोशिश कर रहा हो, लेकिन वर्तमान शर्तों से वह संतुष्ट नहीं हैं और कोई भी समझौता बेहद ठोस और मजबूत होना चाहिए।
सर्वोच्च नेता की स्थिति पर सवाल उठाते हुए ट्रंप ने कहा कि अयातुल्लाह अली खामेनेई के बाद पद संभालने वाले मुज्तबा हाल के दिनों में सार्वजनिक रूप से कहीं नजर नहीं आए हैं। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि ऐसी खबरें हैं कि मुज्तबा अब इस दुनिया में नहीं रहे। उन्होंने आगे कहा कि अगर वह जीवित हैं, तो उन्हें अपने देश की भलाई के लिए समझदारी दिखाते हुए सरेंडर कर देना चाहिए। गौरतलब है कि इससे पहले पीट हेगसेथ ने भी दावा किया था कि हालिया हमलों में मुज्तबा गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और वह इस समय काफी डरे हुए हैं।
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अमेरिकी राष्ट्रपति ने सैन्य कार्रवाई का विवरण देते हुए बताया कि ईरान का मुख्य तेल निर्यात केंद्र, खारग आईलैंड, अब पूरी तरह तबाह हो चुका है। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ऊर्जा के बुनियादी ढांचे को इस तरह से निशाना बनाया गया है कि उन्हें भविष्य में जरूरत पड़ने पर ठीक किया जा सके। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान की अधिकांश मिसाइलों और ड्रोन क्षमताओं को खत्म कर दिया है, जिससे उनके उत्पादन पर भारी असर पड़ा है।
क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए ट्रंप ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने विशेष रूप से ब्रिटेन, चीन, फ्रांस, जापान और दक्षिण कोरिया जैसे देशों से होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा के लिए अपने युद्धपोत भेजने को कहा। ट्रंप ने कहा कि इस समुद्री मार्ग से इन सभी देशों का हित जुड़ा है, इसलिए उन्हें सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी यह रणनीति मध्य पूर्व की सुरक्षा सुनिश्चित करने और ईरान के प्रभाव को सीमित करने के लिए आवश्यक है।


