कोरीया, बैकुंठपुर। एमसीबी जिले के खडग़वां ब्लॉक स्थित ग्राम पंचायत कटकोना में हुए प्रथम चरण के चुनाव मतगणना में मतपेटी लूटने की कोशिश की गई थी। वहीं ग्रामीणों द्वारा सुरक्षा गार्ड को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था। इस मामले में शिकायत के बाद 107 आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि 17 फरवरी को प्रथम चरण के पंचायत चुनाव में शाम 7.30 बजे लाठी-डंडे से लैश 100 से अधिक ग्रामीणों ने मतदान केंद्र का दरवाजा तोडक़र भीतर प्रवेश किया था। उन्होंने मतदान कर्मियों से मारपीट कर मतपेटी लूटने की कोशिश की थी। इस संबंध में मतदान केंद्र सुरक्षा गार्ड योगेश्वर सिंह ने पुलिस को बताया कि 16 फरवरी को पीठासीन अधिकारी मुकदेव राम भगत एवं अन्य मतदान कर्मियों के साथ मतदान कराने कटकोना गए थे।
17 फरवरी को त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 2025 में मतदान केन्द्र क्रमांक 26 अतिरिक्त भवन कटकोना में सैनिक भाल चन्द्र के साथ सुरक्षा ड्यूटी पर तैनात थे। मतगणना के समय शाम करीब 7.30 बजे कटकोना निवासी राम सिंह, राम अधार, दिनेश बियार, आरत, शिवकुमार, भजन, जगत एवं उनके अन्य लगभग 100 साथी एक राय होकर मतदान केंद्र परिसर घुस गए। फिर उन्होंने बिजली कटने की बात को लेकर गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी दी। साथ ही मतदान केन्द्र क्रमांक 26 का दरवाजा तोडक़र मतदान केन्द्र के अन्दर घुसकर सभी मतदान कर्मियों से मारपीट कर मतदान पेटी लूटने का प्रयास किया गया। मारपीट से मुझे, साथी सैनिक एवं अन्य कर्मचारियों को भी चोट लगी है। मामले में नामजद 7 और अन्य 100 आरोपियों के खिलाफ धारा 115, 132, 191(2), 296, 324(3), 333, 351(2), 62 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है।
लाठी-डंडा से लैस थे ग्रामीण
गार्ड ने बताया कि मतगणना के समय बिजली गुल होने पर ग्राम कटकोना निवासी राम सिंह अन्य 107 व्यक्तियों को लेकर मतदान कक्ष के पास पहुंचे। सभी एक राय होकर गाली-गलौज कर हम लोगों को मारपीट की। फिर मतदान केन्द्र का दरवाजा को तोड़ दिया गया। वहीं रामसिंह एव रामाधार के साथ अन्य 2 व्यक्ति मतदान कक्ष के अन्दर घुसकर मतदान पेटी को लूटने का प्रयास करने लगे। इस पर हम लोग किसी तरह उन्हें बाहर निकाले और पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी को सूचना दी। मामले में पेट्रोलिंग पार्टी पहुंची, लेकिन उनकी मौजूदगी में सभी लाठी-डण्डा लेकर हंगामा खड़ा कर दिया। उसके बाद सभी मिलकर हम लोगों को दौड़ा-दौड़ा कर मारने लगे। पुलिस वाले बीच-बचाव करने आऐ तो उनसे भी मारपीट की। मतदान कर्मी बड़ी मुश्किल से अपना जान बचा पाए। पुलिस पेट्रोलिंग पार्टी नहीं पहुंचती तो हमलोगों को जान से मारकर फेंक देते।


