एजेंसी, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने एक महिला डॉक्टर को अरेस्ट किया है। महिला डॉक्टर का नाम शाहीन शाहिद बताया जा रहा है। महिला डॉक्टर की कार से पुलिस को एके- 47 बरामद हुई है। महिला लखनऊ के लालबाग इलाके की रहने वाली है और इसी महिला की कार फरीदाबाद से गिरफ्तार आतंकी डॉक्टर मुजम्मिल इस्तेमार करता था। लखनऊ के लालबाग निवासी महिला डॉक्टर शाहीन शाहिद की स्विफ्ट कार का इस्तेमाल करता था। दरअसल, हरियाणा के फरीदाबाद में आतंकवादी नेटवर्क से जुड़े एक बड़े मॉड्यूल का खुलासा करते हुए पुलिस ने यहां से लगभग 2900 किलो विस्फोटक सामग्री, अत्याधुनिक हथियार और संचार उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि जांच में सामने आया है कि इस मॉड्यूल का संबंध जम्मू-कश्मीर के डॉक्टरों और आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से है। इस मामले में अब तक लखनऊ की एक महिला डॉक्टर सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने बताया कि कार्रवाई के दौरान फरीदाबाद के फतेहपुर तगा गांव में 2563 किलो संदिग्ध अमोनियम नाइट्रेट जब्त किया गया। सुरक्षा एजेंसियों को इसे सुरक्षित स्थान तक ले जाने के लिए ट्रक की व्यवस्था करनी पड़ी। शुरुआती जांच में पुष्टि हुई है कि यह पदार्थ आतंकवादी गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाला अमोनियम नाइट्रेट है, जिसे आतंकियों की भाषा में “सफेद पाउडर” कहा जाता है। गिरफ्तार आरोपियों में डॉक्टर आदिल अहमद डार और डॉक्टर मुजम्मिल शकील शामिल हैं। आदिल जम्मू-कश्मीर के कुलगाम का निवासी है और अनंतनाग के जीएमसी में सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर के रूप में कार्यरत था। उसे उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से पकड़ा गया। उसकी निशानदेही पर पुलवामा निवासी डॉक्टर मुजम्मिल शकील को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया।
मुजम्मिल स्थानीय विश्वविद्यालय में चिकित्सा शिक्षक है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुजम्मिल ने फतेहपुर तगा गांव में एक मौलवी इस्ताक से मकान किराये पर लिया था। छापेमारी के दौरान वहां से 360 किलो विस्फोटक, 20 टाइमर, वॉकी-टॉकी सेट, असॉल्ट राइफलें, पिस्टलें, 83 कारतूस और दो अतिरिक्त मैगजीन बरामद की गयी। फरीदाबाद पुलिस आयुक्त सतेंद्र कुमार गुप्ता ने बताया कि यह सामग्री आरडीएक्स नहीं बल्कि अमोनियम नाइट्रेट प्रतीत होती है। उन्होंने कहा कि आरोपी श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के एक पुराने मामले में भी वांछित था। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इस मॉड्यूल का एक सदस्य डॉ. मुजफ्फर अहमद राथर दो महीने पहले दुबई भाग गया, और आशंका है कि वह अफगानिस्तान या पाकिस्तान में छिपा हो सकता है। पुलिस ने उसके खिलाफ तकनीकी निगरानी शुरू कर दी है। इसके अलावा लखनऊ की लेडी डॉक्टर शाहीन शाहिद को भी गिरफ्तार किया गया है। वह लालबाग क्षेत्र की निवासी है और उसकी कार से राइफल और जिंदा कारतूस बरामद हुए हैं। बताया गया है कि गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल इसी वाहन का इस्तेमाल करता था। पुलिस के अनुसार, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर पुलिस की संयुक्त टीम पिछले 15 दिनों से इस नेटवर्क पर निगरानी रखे हुए थी। अधिकारियों का कहना है कि बरामद सामग्री का उपयोग किसी बड़े आतंकी हमले की तैयारी में किया जा रहा था। सुरक्षा कारणों से हालांकि हमले के संभावित स्थान और उद्देश्य के बारे में फिलहाल जानकारी साझा नहीं की गयी है। जांच एजेंसियां अब इस पूरे नेटवर्क के वित्तीय और अंतरराष्ट्रीय संपर्कों की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई में और गिरफ्तारियां संभव हैं।
भारत को दहलाने की नापाक साजिश का भंडाफोड़ : फरीदाबाद में डॉक्टर के घर से 300 किलो आरडीएक्स , 2 एके-47 व भारी गोला-बारूद बरामद…
जम्मू-कश्मीर में गिरफ्तार हुए एक डॉक्टर के खुलासे के बाद पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद से लगभग 300 किलोग्राम विस्फोटक बरामद करने में सफलता हासिल की है। अधिकारियों ने जब्त पदार्थ को अब तक “विस्फोटक आईईडी बनाने वाली सामग्री” आरडीएक्स बताया है। पिछले सप्ताह, जम्मू-कश्मीर पुलिस ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर और हरियाणा के फरीदाबाद से दो कश्मीरी डॉक्टरों को गिरफ्तार करके एक बड़े आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था।
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गिरफ्तार डॉक्टरों में से एक की पहचान आदिल अहमद राठेर के रूप में हुई है। वह दक्षिण कश्मीर के काजीगुंड का निवासी है। पुलिस ने इससे पहले अनंतनाग स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) के एक डॉक्टर के लॉकर से एक राइफल बरामद की थी। पुलिस ने हालांकि फरीदाबाद से विस्फोटकों की बरामदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है लेकिन सूत्रों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर के बाहर एक निजी अस्पताल में कार्यरत डॉक्टर से पूछताछ के बाद लगभग 300 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री जब्त की गयी है। सूत्रों ने बताया कि पुलिस तीसरे डॉक्टर की भी तलाश कर रही है, जिसके इसी नेटवर्क का हिस्सा होने का शक है और जो फिलहाल फरार है। श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) के समर्थन में लगे पोस्टरों की जांच के दौरान इस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ। सीसीटीवी फुटेज की जांच से पुलिस को एक डॉक्टर की पहचान करने में मदद मिली, जिससे पूछताछ के बाद मामले में शामिल एक अन्य चिकित्साकर्मी को गिरफ्तार किया गया।
हथियारों का बड़ा जखीरा मिला
बरामद सामान में एक असॉल्ट राइफल मिली, जो दिखने में एके-47 जैसी है लेकिन आकार में उससे थोड़ी छोटी है। इसके साथ ही तीन मैगजीन, 84 जिंदा कारतूस, एक पिस्टल, आठ लाइव राउंड और दो खाली कारतूस भी बरामद किए गए। इसके अलावा बड़े और छोटे मिलाकर कुल बारह सूटकेस मिले, जिनमें विस्फोटकों और उपकरणों को छिपाया गया था। टीम को कई वॉकी-टॉकी सेट और अन्य संचार उपकरण भी मिले।
जानिए क्या फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर
फरीदाबाद पुलिस कमिश्नर सत्येंद्र गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि पिछले कुछ दिनों से हरियाणा पुलिस, फरीदाबाद पुलिस और जम्मू-कश्मीर पुलिस का एक संयुक्त अभियान लगातार चल रहा है। उन्होंने कहा कि यह ऑपरेशन अभी भी जारी है और टीमें एक सक्रिय एंटी-टेरर मॉड्यूल पर काम कर रही थीं। उन्होंने पुष्टि की कि मुख्य आरोपी का नाम डॉ. मुजम्मिल है, जिसे 9-10 दिन पहले गिरफ्तार किया गया था। सत्येंद्र गुप्ता ने कहा कि हथियार कहां से आए और कैसे यहां तक पहुंचाए गए, यह फिलहाल जांच का विषय है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए फिलहाल अधिक जानकारी साझा करना संभव नहीं है।


