राहत सामग्री की दूसरी खेप लेकर श्रीलंका पहुंचा भारतीय वायुसेना विमान, बारिश और भूस्खलन से अब तक 70 मौतें

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एजेंसी, श्रीलंका। भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत मानवीय सहायता मुहैया कराने के लिए राहत सामग्री और अर्धसैनिक बलों के कर्मियों के साथ भारतीय वायुसेना (आईएएफ) के दो परिवहन विमानों – सी-130 और आईएल-76- को श्रीलंका भेजा है। भारत ने चक्रवात ‘दित्वा’ के बाद उत्पन्न संकट की घड़ी में श्रीलंका की सहायता के लिए ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ की शुरुआत की है। भारतीय वायुसेना ने शनिवार को सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘ऑपरेशन सागर बंधु। मानवीय सहायता। श्रीलंका में चक्रवात दित्वा के कारण हुई तबाही के मद्देनजर राहत कार्यों को मजबूती देने के लिए भारत ने ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ त्वरित शुरू किया।’’ उसने कहा, ‘‘भारतीय वायुसेना ने 28/29 नवंबर 2025 की रात हिंडन वायुसेना अड्डे से एक ‘सी-130’ और एक ‘आईएल-76’ विमान तुरंत रवाना किए, जिन्होंने 21 टन राहत सामग्री, 80 से अधिक एनडीआरएफ (राष्ट्रीय आपदा मोचन बल) कर्मियों और आठ टन उपकरणों को लेकर कोलंबो के लिए उड़ान भरी।’’ अधिकारियों ने बताया कि प्रभावित समुदायों की मदद के लिए आवश्यक राशन और महत्वपूर्ण सामग्री श्रीलंका पहुंचायी गयी है। वायुसेना ने कहा, ‘‘ ‘पड़ोसी पहले’ की भावना को ध्यान में रखते हुए भारत इस कठिन समय में श्रीलंका के साथ मजबूती से खड़ा है।’’ विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी शनिवार को ‘एक्स’ पर ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ से जुड़ी ताजा जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा, ‘‘भारतीय वायुसेना का एक और ‘आईएल-76’ विमान नौ टन राहत सामग्री और 80 एनडीआरएफ कर्मियों वाली शहरी खोज एवं बचाव अभियान की दो टीम को लेकर कोलंबो पहुंचा।’’ उन्होंने कहा, ‘‘वायु और समुद्र, दोनों मार्गों से अब तक लगभग 27 टन राहत सामग्री पहुंचायी जा चुकी है। और मदद रास्ते में है। ऑपरेशन सागर बंधु जारी है।…’’ ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत ‘आईएनएस विक्रांत’ और युद्धपोत ‘आईएनएस उदयगिरि’ के जरिये श्रीलंका भेजी गयी थी। श्रीलंकाई प्राधिकारियों के अनुसार, वहां बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 50 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। श्रीलंका में 12,313 परिवारों के लगभग 43,900 लोग खराब मौसम से प्रभावित हुए हैं।

भारत ने श्रीलंका भेजी राहत सामग्री की दो और खेप
भारत ने चक्रवाती तूफान दितवा से प्रभावित श्रीलंका में ऑपरेशन ‘सागर बन्धु शुरू’ के तहत शनिवार को राहत सामग्री की दूसरी और तीसरी खेप भेजी। भारत ने दूसरी और तीसरी खेप में क्रमश 12 टन और 9 टन राहत सामग्री भेजी है। भारत अब तक श्रीलंका में 27 टन राहत सामग्री भेज चुका है। विदेश मंत्री डा.एस जयशंकर ने सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग पोस्ट में कहा कि भारत ने चक्रवाती तूफान दितवा से प्रभावित श्रीलंका को मदद की दो खेप भेजी है। उन्होंने कहा कि पहली खेप में वायु सेना के मालवाहक विमान सी-130 जे में लगभग 12 टन सहायता सामग्री कोलंबो भेजी है जिसमें टेंट, तिरपाल, कंबल, स्वच्छता किट और भोजन के पैकेट हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि दूसरी खेप में वायु सेना के मालवाहक आईएल-76 विमान में नौ टन राहत सामग्री कोलंबो भेजी गई। इसके अलावा दो बचाव टीमें और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के 80 सदस्य भेजे गये हैं। उन्होंने कहा कि भारत अब तक श्रीलंका में समुद्र और वायु मार्ग से लगभग 27 टन राहत सामग्री भेज चुका है तथा और राहत सामग्री भी भेजी जायेगी। उल्लेखनीय है कि श्रीलंका में चक्रवाती तूफान ‘दित्वा’ के कारण जान-माल का भारी नुकसान हुआ है और 70 लोगों की मौत हुई है तथा बड़ी संख्या में लोग लापता बताए गये हैं।

श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने चलाया ओपी सागर बंधु, 12 टन राहत सामग्री लेकर कोलंबो पहुंचा वायुसेना का विमान
श्रीलंका में अप्रत्याशित बाढ़ से विस्थापित लोगों के लिए आपातकालीन राहत सामग्री लेकर गया भारतीय वायु सेना का विमान शुक्रवार देर रात को श्रीलंका पहुंचा। जरूरी खाद्य सामग्री और स्वच्छता से जुड़ी आपूर्ति लेकर गया सी130 विमान देर रात लगभग डेढ़ बजे कोलंबो के भंडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पहुंचा, जहां भारतीय उच्चायोग के अधिकारियों और श्रीलंका वायु सेना के अधिकारियों ने विमान का स्वागत किया। मुश्किल की इस घड़ी में श्रीलंका की मदद के लिए भारत ने शुक्रवार को ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ शुरू किया और राहत सामग्री की पहली खेप भारतीय नौसेना के विमानवाहक पोत आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि से श्रीलंका पहुंचाई गई। यह राहत ऐसे समय में प्राप्त हुई है जब श्रीलंका के अधिकारियों ने केलानी और अट्टानागलु नदियों में बढ़ते जलस्तर के कारण शुक्रवार रात से ‘वेस्टर्न प्रोविंस’ में ‘‘अप्रत्याशित आपदा की स्थिति’’ की चेतावनी दी। चक्रवाती तूफान ‘डिटवा’ से मची तबाही के कारण श्रीलंका अप्रत्याशित आपदा का सामना कर रहा है। इसके कारण बाढ़ आई एवं भूस्खलन हुए और बुनियादी ढांचा को व्यापक नुकसान पहुंचा। आपदा प्रबंधन केंद्र (डीएमसी) ने शनिवार सुबह छह बजे तक 69 लोगों की मौत की पुष्टि की है, जबकि कम से कम 34 लोग लापता हैं। डीएमसी ने बताया कि इसके अलावा आपदा से 61,000 परिवारों के 2,00,000 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। ‘सेंट्रल प्रोविंस’ के कैंडी में राहत अधिकारियों ने कहा कि मृतकों की संख्या इससे कहीं अधिक हो सकती है, क्योंकि कैंडी जिले में ही शुक्रवार देर रात तक मृतकों की संख्या 50 से अधिक पहुंच चुकी थी और आधिकारिक तौर पर अब तक इसकी पुष्टि नहीं हुई है। मध्य पर्वतीय क्षेत्र का बैडुल्ला जिला भी भूस्खलन से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जहां कई लोग लापता हैं और 35 से अधिक लोगों की मौत हुई है। चक्रवात ‘डिटवा’ की वजह से हुई बारिश के कारण सभी बड़े तालाबों एवं नदियों में जलस्तर बढ़ गया है और अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी देते हुए सुरक्षित स्थान पर जाने को कहा है। मौसम ब्यूरो ने कहा कि 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश होने की संभावना है, हालांकि ‘डिटवा’ शनिवार देर रात तक द्वीप से बाहर चला जाएगा। श्रीलंका के करीब 35 प्रतिशत इलाकों में शुक्रवार सुबह से ही बिजली नहीं है जिससे सरकारी बिजली कंपनी सीलोन इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड के करीब 70 लाख उपभोक्ता प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश और बाढ़ की वजह से बिजली बहाल करने के काम में रुकावट आ रही है।

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