रायसेन जिला अस्पताल में हंगामा, नर्सों ने प्रधान आरक्षक पर लगाए अभद्रता के आरोप, पुलिस चौकी पर जड़ा ताला

रायसेन जिला अस्पताल में हंगामा, नर्सों ने प्रधान आरक्षक पर लगाए अभद्रता के आरोप, पुलिस चौकी पर जड़ा ताला

देश/प्रदेश प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश रायसेन

एजेंसी, भोपाल। रायसेन जिला अस्पताल की नर्सों ने अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी पर ताला जड़ दिया। इस कार्रवाई से अस्पताल प्रशासन से लेकर पुलिस महकमे तक में हड़कंप मच गया। नर्सों के समर्थन में डॉक्टर भी काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन में शामिल हुए और आरोपी प्रधान आरक्षक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग की।

क्या है पूरा मामला
जानकारी के अनुसार, यह विवाद तीन दिन पहले शनिवार रात का है। रात के समय कुछ मरीजों के परिजन जिला अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान ड्यूटी पर तैनात एक नर्स और प्रधान आरक्षक कृष्ण पाल के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। नर्सों का आरोप है कि बहस के दौरान प्रधान आरक्षक ने मर्यादा की सीमा लांघते हुए अभद्र भाषा का प्रयोग किया और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। घटना के बाद नर्सों ने पूरे मामले की लिखित शिकायत कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपी थी। शिकायत में स्पष्ट रूप से कार्रवाई की मांग की गई थी, लेकिन तीन दिन बीत जाने के बावजूद कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से स्वास्थ्यकर्मियों में भारी नाराजगी फैल गई।

कार्रवाई नहीं होने से भड़का आक्रोश
प्रशासन की कथित उदासीनता से नाराज नर्सों ने मंगलवार को विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए अस्पताल परिसर स्थित पुलिस चौकी पर ताला जड़ दिया। प्रदर्शनकारी नर्सों का कहना है कि जब सुरक्षा व्यवस्था संभालने वाले ही महिलाओं के साथ अभद्रता करेंगे, तो वे सुरक्षित माहौल में काम कैसे कर पाएंगी। नर्सों ने यह भी आरोप लगाया कि इस तरह की घटनाएं पहले भी हुई हैं, लेकिन हर बार मामले को दबा दिया जाता है। अब वे चुप नहीं बैठेंगी और न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगी।

डॉक्टरों ने भी जताया समर्थन
इस प्रदर्शन में अस्पताल के डॉक्टरों ने भी नर्सों का खुलकर समर्थन किया। डॉक्टर काली पट्टी बांधकर नारेबाजी करते नजर आए। डॉक्टरों का कहना है कि अस्पताल में काम करने वाले सभी स्वास्थ्यकर्मियों की गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।

उग्र आंदोलन की चेतावनी
प्रदर्शन कर रहीं नर्सों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही प्रधान आरक्षक कृष्ण पाल के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई, तो वे काम बंद कर उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगी। इससे अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रधान आरक्षक का पक्ष भी आया सामने
वहीं, मामले में प्रधान आरक्षक कृष्ण पाल की ओर से भी एक ज्ञापन सौंपे जाने की बात सामने आई है, जिसमें उन्होंने नर्स पर अभद्रता का आरोप लगाया है। फिलहाल दोनों पक्षों की शिकायतें प्रशासन के पास लंबित हैं।

प्रशासन की परीक्षा
यह मामला अब प्रशासन और पुलिस विभाग के लिए भी एक बड़ी परीक्षा बन गया है। यदि समय रहते निष्पक्ष जांच और कार्रवाई नहीं की गई, तो स्वास्थ्य सेवाओं पर इसका सीधा असर पड़ सकता है।

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