एजेंसी, नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल और गैस के दामों में उछाल के साथ-साथ डॉलर के मुकाबले रुपये की गिरती कीमत का सीधा असर अब आम आदमी की रसोई पर पड़ा है। देश की प्रमुख तेल कंपनियों ने शनिवार से एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में बड़ी बढ़ोतरी कर दी है। इंडियन ऑयल के मुताबिक, घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलो के सिलेंडर के दाम में 60 रुपये का इजाफा किया गया है, जबकि व्यापारिक कार्यों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर की कीमत 114.50 रुपये बढ़ गई है।
राजधानी दिल्ली में आज से घरेलू गैस सिलेंडर 913 रुपये में मिलेगा, जो बीते करीब ढाई साल का सबसे ऊंचा स्तर है। अन्य बड़े शहरों की बात करें तो कोलकाता में नया रेट 939 रुपये, मुंबई में 912.50 रुपये और चेन्नई में 928.50 रुपये हो गया है। गौरतलब है कि घरेलू सिलेंडर के दामों में करीब 11 महीने बाद यह बड़ा बदलाव देखा गया है। वहीं, कमर्शियल सिलेंडर की बात करें तो दिल्ली में अब इसके लिए 1,883 रुपये चुकाने होंगे। व्यापारिक सिलेंडर की कीमतों में यह लगातार चौथी बार बढ़ोतरी हुई है। इस मूल्य वृद्धि का मुख्य कारण पश्चिम एशिया में जारी तनाव को माना जा रहा है, जिससे कच्चे तेल की वैश्विक सप्लाई बाधित हुई है। इसके अलावा भारतीय मुद्रा का ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंचना भी इस महंगाई की बड़ी वजह बना है।
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सिलेंडर के बढ़ते दामों पर कांग्रेस का कड़ा प्रहार : खरगे बोले- जनता पर चलाया जा रहा महंगाई का हंटर
गैस की कीमतों में हुई इस भारी बढ़ोतरी को लेकर मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार की कड़ी आलोचना की है। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जनता पर लगातार महंगाई का बोझ डाल रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतें कम थीं, तब उसका फायदा जनता को नहीं दिया गया और अब युद्ध जैसे हालातों का बहाना बनाकर आम आदमी का पसीना निकाला जा रहा है। कांग्रेस ने अपने आधिकारिक बयान में प्रधानमंत्री को ‘महंगाई मैन’ करार देते हुए कहा कि एक तरफ घरेलू सिलेंडर पर सीधे 60 रुपये बढ़ा दिए गए हैं, तो दूसरी तरफ कमर्शियल सिलेंडर पर 115 रुपये का अतिरिक्त भार डाल दिया गया है। पार्टी का कहना है कि सरकार पर्याप्त संसाधन जुटाने में नाकाम रही है और इसका खामियाजा गरीब और मध्यम वर्ग को भुगतना पड़ रहा है। पश्चिम एशिया के संकट के बीच इस महंगाई ने आम जनता की आर्थिक कमर तोड़ दी है।


