एजेंसी, जयपुर/भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जयपुर में आयोजित एक विशेष निवेश सम्मेलन में राजस्थान और मध्य प्रदेश के गहरे संबंधों को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि दोनों राज्य जुड़वा भाइयों की तरह हैं, जिनके बीच अब संसाधनों और विकास का एक साझा सफर शुरू हो चुका है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश की प्रगति का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाया कि मध्य प्रदेश में उनके लिए ‘रेड कार्पेट’ बिछा है और सरकार हर कदम पर उनके साथ खड़ी है।
आज जयपुर में निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा में ₹5055 करोड़ के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए। इनके माध्यम से 3530 लोगों को रोजगार प्राप्त हो सकेगा।
निवेश के लिए आयोजित सत्र में राजस्थान चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों और विभिन्न औद्योगिक समूहों के 400 से अधिक… pic.twitter.com/f0ghi3rzb2
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 21, 2026
औद्योगिक क्रांति के लिए 26 नई नीतियां मुख्यमंत्री ने बताया कि मध्य प्रदेश को उद्योगों का केंद्र बनाने के लिए सरकार ने 26 अलग-अलग क्षेत्रों के लिए नई और उदार नीतियां लागू की हैं। अब राज्य सरकार अंतरिक्ष (स्पेस) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) जैसे आधुनिक क्षेत्रों के लिए भी विशेष पॉलिसी ला रही है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि मध्य प्रदेश अब बिजली के मामले में आत्मनिर्भर है और यहाँ की बिजली से दिल्ली मेट्रो तक दौड़ रही है। खनन और मेडिकल टूरिज्म को भी निवेश के बड़े अवसर के रूप में पेश किया गया है।
स्वास्थ्य और शिक्षा में बड़े बदलाव चिकित्सा क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार पीपीपी मॉडल पर काम कर रही है। डॉ. यादव ने एलान किया कि जो निवेशक मेडिकल कॉलेज या अस्पताल खोलना चाहते हैं, उन्हें सरकार महज 1 रुपये की लीज पर जमीन मुहैया कराएगी। साथ ही, बड़े निवेश वाले प्रोजेक्ट्स को भारी सब्सिडी भी दी जा रही है। शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार करते हुए स्कूली बच्चों के बेहतर स्वास्थ्य के लिए मुफ्त दूध बांटने की योजना भी शुरू की गई है।
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गौ-सेवा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती पशुपालन को फायदे का सौदा बनाने के लिए सरकार बड़ी गौशालाओं (5 हजार से 50 हजार गायों की क्षमता) के लिए जमीन दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि गायों के रखरखाव के लिए दी जाने वाली राशि को 20 रुपये से बढ़ाकर 40 रुपये प्रति गाय कर दिया गया है। दूध उत्पादन बढ़ाने और पशुओं की नस्ल सुधारने के लिए भी विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि ग्रामीण इलाकों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो सके।
पर्यटन और हवाई सेवाओं का विस्तार मध्य प्रदेश पर्यटन के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रहा है। रीवा में टाइगर सफारी और नए एयरपोर्ट की सुविधा के साथ ही ‘पीएम श्री हेली सर्विस’ की शुरुआत की गई है। हवाई यात्रा को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को प्रति उड़ान 15 लाख रुपये तक की सरकारी मदद दी जा रही है। वन्यजीव संरक्षण के तहत चीतों के पुनर्वास और चंबल में डॉल्फिन व घड़ियालों के संरक्षण जैसे कार्यों से पर्यटन को नई दिशा मिली है।
पीकेसी प्रोजेक्ट: विकास की नई गारंटी एक लाख करोड़ रुपये की पीकेसी (PKC) परियोजना को मुख्यमंत्री ने दोनों राज्यों के लिए वरदान बताया। उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट की 90 प्रतिशत लागत केंद्र सरकार उठाएगी, जिससे सूखे प्रभावित इलाकों की किस्मत बदल जाएगी। उन्होंने उत्तर प्रदेश के साथ बिजली बंटवारे के ‘मुरैना मॉडल’ का उदाहरण देते हुए कहा कि आपसी तालमेल से विकास के बड़े लक्ष्य हासिल किए जा रहे हैं।


