एजेंसी, कटनी। मानव तस्करी गिरोह : मध्यप्रदेश के कटनी रेलवे स्टेशन पर शनिवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने पटना-पुणे एक्सप्रेस से 167 बच्चों को सुरक्षित नीचे उतारा। खुफिया सूचना के आधार पर की गई इस घेराबंदी के बाद क्षेत्र में मानव तस्करी की आशंका गहरा गई है। संदेह जताया जा रहा है कि इन बच्चों को बिहार से महाराष्ट्र के शहरों में मजदूरी या अन्य संदिग्ध उद्देश्यों के लिए ले जाया जा रहा था।
163 minor boys being trafficked from Bihar to Maharashtra rescued from train in Madhya Pradesh’s Katni district: Railway Protection Force
— Press Trust of India (@PTI_News) April 12, 2026
स्टेशन पर घेराबंदी कर बोगियों से उतारे गए बच्चे
आरपीएफ थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह के नेतृत्व में जीआरपी, महिला एवं बाल विकास विभाग और बाल संरक्षण अधिकारियों की टीम ने ट्रेन के प्लेटफॉर्म नंबर 5 पर पहुंचते ही तलाशी शुरू की। जानकारी के अनुसार, ये बच्चे स्लीपर कोच एस-1 से लेकर एस-7 तक की अलग-अलग बोगियों में सवार थे। प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए सभी बच्चों को सुरक्षित निकाला और उन्हें थाने ले जाया गया, जहां उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा जा रहा है।
मदरसे में पढ़ाई का दावा, प्रशासन को तस्करी का शक
पूछताछ के दौरान बच्चों के साथ मौजूद सद्दाम नामक व्यक्ति ने खुद को महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक मदरसे का शिक्षक बताया। उसका दावा है कि वह इन बच्चों को बिहार के अररिया जिले से पढ़ाई के लिए ले जा रहा था। हालांकि, बाल सुरक्षा अधिकारी मनीष तिवारी ने बताया कि विभाग को गोपनीय जानकारी मिली थी कि इन बच्चों से महाराष्ट्र में श्रम या अन्य गैर-कानूनी कार्य कराए जा सकते हैं। सद्दाम के दावों और बच्चों के स्थानांतरण से जुड़े कानूनी दस्तावेजों की अब गहनता से पड़ताल की जा रही है।
अभिभावकों से संपर्क होने तक प्रशासन की निगरानी में रहेंगे बच्चे
मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी बच्चों की काउंसलिंग की जा रही है। आरपीएफ प्रभारी ने स्पष्ट किया है कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोपरि है। जब तक हर बच्चे के माता-पिता से संपर्क नहीं हो जाता और उन्हें ले जाने का कोई ठोस और कानूनी आधार पेश नहीं किया जाता, तब तक सभी बच्चे शासन की देखरेख में रहेंगे। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि इतने बड़े समूह को ले जाने के पीछे कोई संगठित गिरोह तो सक्रिय नहीं है। किसी भी तरह की कागजी कमी या अनियमितता पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
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