दमोह। मध्य प्रदेश के दमोह जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र में बड़ा पुल के पास चलाई जा रही अवैध पटाखा फैक्ट्री में मंगलवार को दोपहर धमाका हो गया। धमाका इतना तेज था कि पूरा मकान जमींदोज हो गया। इस हादसे में फैक्ट्री मालिक और दो महिलाओं की मौत हो गई। फैक्ट्री में काम कर रहे 11 मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला। शहर में जहां पटाखा फैक्ट्री संचालित की जा रही थी, वह रिहायशी इलाका है। यहां अभय उर्फ छुट्टन गुप्ता इसका संचालन कर रहा था। दीपावली के त्योहार के चलते पटाखा बनाने का काम चल रहा था। मंगलवार को अभय गुप्ता करीब एक दर्जन मजदूरों के साथ फैक्ट्री में मौजूद था। दोपहर करीब साढ़े 12 बजे जोरदार धमाका हो गया। बारूद की चपेट में आने से फैक्ट्री मालिक के शरीर के आधे हिस्से के चीथड़े उड़ गए। हादसे में शहर के कछियाना मोहल्ला निवासी रिंकी (32) और अपूर्वा (19) की भी मौत हो गई। ये दोनों फैक्ट्री में काम किया करती थीं।
चिंगारी से हुआ धमाका
हादसे की सूचना पर पुलिस-प्रशासन की टीम, नगर पालिका का अमला और दमकल मौके पर पहुंचीं। टीम ने मलबे में दबे लोगों को निकालना शुरू किया। बड़ी मात्रा में बारूद होने की आशंका को देखते हुए मलबे में पानी भी डाला गया। घायल उमा कोरी की मां रेखा बाई ने बताया कि एक पटाखा में चिंगारी से आग भड़की और जोरदार धमाका हो गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, फैक्ट्री संचालक गुप्ता के पास दमोह से 12 किलोमीटर दूर इमलाई फैक्ट्री क्षेत्र में बारूद संग्रहण का परमिट था, लेकिन वह अवैध रूप से अपने घर के पिछले हिस्से में पटाखा फैक्ट्री का संचालन कर रहा था।
मजिस्ट्रियल जांच के आदेश
दमोह कलेक्टर मयंक अग्रवाल का कहना है कि पटाखा फैक्ट्री अवैध रूप से संचालित हो रही थी। मामले की मजिस्ट्रियल जांच कराई जा रही है। वहीं, एसपी सुनील तिवारी ने कहा कि पुलिस लाइसेंस वाली फैक्ट्रियों की मानीटरिंग करती है, लेकिन यह अवैध रूप से संचालित हो रही थी। कई लोगों के दबे होने की सूचना थी। बताया गया है। बारूद संग्रहण की परमिट थी, लेकिन फैक्ट्री मालिक अवैध रूप से अपने घर के पिछले इलाके में बारूद से पटाखा निर्माण करवा रहा था।
नियम के विपरीत आबादी वाले क्षेत्र में फैक्ट्री संचालित
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि नियम के विपरीत आबादी वाले क्षेत्र में फैक्ट्री संचालित की जा रही थी। लोगों का कहना है कि दिवाली को लेकर बड़ी मात्रा में पटाखा बनाए जा रहे हैं। घायलों को जिला अस्पताल में कराया गया है। लोगों की सूचना पर पुलिस और जिला प्रशासन मौके पर पहुंचा था।
मलबे में दबे लोगों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया
दमोह शहर के बड़ा पुल क्षेत्र में एक पटाखा फैक्ट्री में धमाका होने से फैक्ट्री में काम कर रहे करीब 13 मजदूरों में से 3 मजदूर की मौत हो गई है। इसके अलावा 10 लोग गंभीर घायल है। मलबे में दबे लोगों को निकाल कर अस्पताल पहुंचाया जा रहा है। अफरा तफरी का माहौल है।
फैक्ट्री संचालक का नाम छुट्टन असाटी बताया जा रहा है
मौके पर दमोह एसपी सुनील कुमार तिवारी, कलेक्टर मयंक अग्रवाल के अलावा पुलिस बल, प्रशासन, नगर पालिका का अमला मौजूद है। फायर बिग्रेड भी पहुंच चुकी है घर में पानी छोड़ा। ऐसी भी जानकारी है कि वहां पर बड़ी मात्रा में बारूद हो सकता है, जिससे फिर से धमाका होने की आशंका है। फैक्ट्री संचालक का नाम छुट्टन असाटी बताया जा रहा है।


