भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में दोषी पाए चीन के दो पूर्व रक्षा मंत्रियों को मिली मौत की सजा
एजेंसी, बीजिंग। चीन में भ्रष्टाचार के विरुद्ध राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने एक बेहद कड़ा कदम उठाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। चीन सरकार ने अपने दो पूर्व रक्षा मंत्रियों, वी फेंघे और ली शांगफू को भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में दोषी पाए जाने के बाद मौत की सजा सुनाई है। यह सख्त कार्यवाही राष्ट्रपति जिनपिंग के सीधे आदेश पर अमल में लाई गई है। चीन की सरकारी एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, दोनों पूर्व मंत्रियों के खिलाफ अलग-अलग मामलों में सुनवाई की गई और उन्हें कड़ी सजा दी गई।
🚨 #NewsAlert | मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन के पूर्व रक्षा मंत्री Wei Fenghe और Li Shangfu, दोनों को भ्रष्टाचार के आरोपों में मौत की सज़ा सुनाई गई है जिसमें दो साल की मोहलत दी गई है।
📌दोनों को 2024 में “अनुशासन के गंभीर उल्लंघन” के आरोप में कम्युनिस्ट पार्टी से निकाल दिया… pic.twitter.com/kvcwGXTs8b
— यूनीवार्ता (@univartaindia1) May 7, 2026
अदालत ने रिश्वतखोरी के मामले में पाया दोषी
अदालत की कार्यवाही के दौरान वी फेंघे को भारी मात्रा में रिश्वत लेने का अपराधी पाया गया। वहीं उनके बाद रक्षा मंत्री का पद संभालने वाले ली शांगफू पर रिश्वत लेने के साथ-साथ रिश्वत देने के आरोप भी सिद्ध हुए हैं। शांगफू को भ्रष्टाचार के इन्हीं आरोपों के चलते साल 2024 में ही सत्तारूढ़ कम्युनिस्ट पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया था। दोनों ही नेताओं पर लगे आरोपों ने चीन की सैन्य व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार को उजागर किया है।
राष्ट्रपति के करीबी होने के बावजूद नहीं मिली कोई राहत
हैरान करने वाली बात यह है कि जिन दो मंत्रियों को मौत के घाट उतारने का फैसला हुआ है, वे दोनों ही कभी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अत्यंत भरोसेमंद माने जाते थे। ये दोनों नेता केंद्रीय सैन्य आयोग के सदस्य रह चुके हैं, जिसकी अध्यक्षता खुद जिनपिंग करते हैं। वी फेंघे को तो स्वयं राष्ट्रपति ने साल 2018 में इस पद के लिए चुना था। इसके बावजूद भ्रष्टाचार के मामले में जिनपिंग ने अपने इन सहयोगियों पर कोई दया नहीं दिखाई, जिससे यह संदेश दिया गया है कि अनुशासन के मामले में कोई समझौता नहीं होगा।
सैन्य बल में सफाई के लिए चलाया जा रहा है बड़ा अभियान
वी फेंघे और ली शांगफू दोनों ही पेशे से एयरोस्पेस इंजीनियर थे और उन्होंने चीन की महत्वपूर्ण रॉकेट फोर्स का नेतृत्व किया था। साल 2012 में सत्ता संभालने के बाद से ही शी जिनपिंग ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक व्यापक मुहिम छेड़ रखी है। इस अभियान के तहत अब तक दस लाख से भी ज्यादा सरकारी अधिकारियों और कई बड़े सैन्य जनरलों को सजा दी जा चुकी है। इन दो पूर्व मंत्रियों को मिली मौत की सजा इस बात का प्रमाण है कि चीन अपनी सेना और सरकार के शीर्ष पदों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं करने की नीति पर काम कर रहा है।
ये भी पढ़े : सऊदी ने अमेरिका को एयरस्पेस देने से किया इनकार, ट्रम्प ने रोका होर्मुज ऑपरेशन
ताज़ा अपडेट और ब्रेकिंग न्यूज़ के लिए हमारे फेसबुक पेज से जुड़ें और STPV.live के साथ अपडेट रहें


