एजेंसी, वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को दावा किया कि भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया है कि उनका देश रूसी तेल खरीदना बंद कर देगा। बहरहाल, इस दावे की पुष्टि भारत सरकार ने नहीं की है। ट्रंप ने कहा, ‘‘कोई तेल नहीं होगा। वे तेल नहीं खरीद रहे हैं।’’ उन्होंने कहा कि यह बदलाव तुरंत नहीं होगा, बल्कि ‘‘थोड़े समय में’’ होगा। वाशिंगटन स्थित भारतीय दूतावास के कार्यालय ने इस संबंध में टिप्पणी करने के अनुरोध का अभी कोई जवाब नहीं दिया है। ट्रंप यूक्रेन में युद्ध समाप्त करने में अपनी असमर्थता के कारण निराश हैं। इस युद्ध की शुरुआत लगभग चार साल पहले रूस के आक्रमण से हुई थी। उन्होंने रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के प्रति असंतोष व्यक्त किया है, जिन्हें वह सुलह की राह में सबसे बड़ी बाधा बताते रहे हैं। ट्रंप का शुक्रवार को यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से मिलने का कार्यक्रम है। चीन के बाद भारत रूसी तेल का दूसरा सबसे बड़ा खरीदार है और ट्रंप ने इसके दंड के तौर पर अगस्त में भारत पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया था।
‘सबसे पहले राष्ट्रहित’… रूस से तेल खरीद पर ट्रंप के दावे पर विदेश मंत्रालय का जवाब, जरुरत के अनुरूप होगा आयात
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा रूस से कच्चे तेल की खरीद में कटौती का आश्वासन दिये जाने के अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दावे के कुछ ही घंटे बाद, भारत ने बृहस्पतिवार को कहा कि वह बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति के स्रोत को व्यापक और विविध बना रहा है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि अस्थिर ऊर्जा परिदृश्य में भारतीय उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा करना सरकार की निरंतर प्राथमिकता रही है। उन्होंने कहा, ‘‘हमारी आयात नीतियां पूरी तरह इसी उद्देश्य से निर्देशित हैं।’’ जायसवाल अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की टिप्पणी पर मीडिया के सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्होंने कहा, ‘‘स्थिर ऊर्जा मूल्य और सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करना हमारी ऊर्जा नीति के दोहरे लक्ष्य रहे हैं।’’ जायसवाल ने कहा, ‘‘इसमें हमारी ऊर्जा आपूर्ति के स्रोत का आधार व्यापक बनाना और बाजार की परिस्थितियों के अनुरूप इसमें विविधता लाना शामिल है।’’ पश्चिमी प्रतिबंधों के बावजूद भारत द्वारा रूस से पेट्रोलियम उत्पादों की निरंतर खरीद एक बड़ा मुद्दा बन गया है, जिसके परिणामस्वरूप नई दिल्ली और वाशिंगटन के बीच संबंधों में भारी गिरावट आई है। वाशिंगटन में, ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि मोदी ने ‘‘मुझे आश्वासन दिया है कि रूस से कोई तेल खरीद नहीं की जाएगी।’’ अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि भारत खरीद में तुरंत कटौती नहीं कर पाएगा, लेकिन प्रक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘यह (प्रक्रिया) शुरू हो गई है। वह इसे तुरंत नहीं कर सकते। लेकिन यह प्रक्रिया जल्द ही पूरी हो जाएगी।
डरे हुए प्रधानमंत्री… ट्रंप के दावे को लेकर राहुल गांधी का प्रधानमंत्री मोदी पर हमला, वे घोषणा करते और ये सराहना संदेश भेजते
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक नए दावे को लेकर बृहस्पतिवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, ट्रंप से डरे हुए हैं। ट्रंप ने दावा किया है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से आश्वासन दिया है कि भारत अब रूस से तेल नहीं खरीदेगा। अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक सवाल के जवाब में संवाददाताओं से कहा, ‘‘वह (मोदी) मेरे मित्र हैं। हमारा बहुत अच्छा रिश्ता है। मेरे मित्र ने मुझे आश्वासन दिया है कि रूस से कोई तेल खरीद नहीं होगी।” राहुल गांधी ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी ट्रंप से डरे हुए हैं। उन्होंने ट्रंप को यह निर्णय लेने दिया और घोषणा करने दी कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा।” उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी बार-बार आलोचना के बावजूद ट्रंप को सराहना वाले संदेश भेजते रहते हैं। राहुल गांधी ने कहा, “वित्त मंत्री का अमेरिका दौरा रद्द हो गया। शर्म अल-शेख (गाजा शांति प्रस्ताव से संबंधित शिखर सम्मेलन) में भाग नहीं लिया गया। ऑपरेशन सिन्दूर पर ट्रंप के दवा का खंडन नहीं किया गया।” कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दावा किया कि ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रमुख निर्णयों को अमेरिका को “आउटसोर्स” कर दिया है। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, “10 मई, 2025 को भारतीय समय के अनुसार शाम 5:37 बजे, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने सबसे पहले घोषणा की कि भारत ने ऑपरेशन सिन्दूर रोक दिया है। इसके बाद, राष्ट्रपति ट्रंप ने 5 अलग-अलग देशों में 51 बार दावा किया है कि उन्होंने टैरिफ और व्यापार को अपने दबाव के हथियार के रूप में इस्तेमाल करके ऑपरेशन सिन्दूर को रोकने के लिए हस्तक्षेप किया था। फिर भी हमारे प्रधानमंत्री चुप रहे।” उन्होंने कहा, “अब राष्ट्रपति ट्रंप ने कल घोषणा की है कि प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें आश्वासन दिया है कि भारत रूस से तेल आयात नहीं करेगा।” रमेश ने दावा किया, “ऐसा प्रतीत होता है कि प्रधानमंत्री मोदी ने प्रमुख निर्णयों को अमेरिका को आउटसोर्स कर दिया है। 56 इंच का सीना सिकुड़ गया है।’’ भारत लगातार यह स्पष्ट करता रहा है कि इस साल मई में पाकिस्तानी सैन्य अभियान महानिदेशक (डीजीएमओ) द्वारा संपर्क किए जाने पर सैन्य कार्रवाई रोकने पर विचार हुआ था।


