एजेंसी, रोम। भारत-इटली Relations : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण में इटली पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया। रोम पहुंचने पर इटली सरकार की ओर से उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया, जबकि होटल में भारतीय समुदाय के लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों और पारंपरिक प्रस्तुतियों के जरिए उनका अभिनंदन किया। प्रधानमंत्री मोदी बुधवार को इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे, जिसमें व्यापार, रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और कृत्रिम मेधा जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा होगी। प्रधानमंत्री मोदी ने रोम पहुंचने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा कि उनकी यह यात्रा भारत और इटली के बीच सहयोग को नई दिशा देने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे, ऊर्जा सहयोग और वैश्विक खाद्य सुरक्षा जैसे विषय वार्ता के केंद्र में रहेंगे। पीएम मोदी ने यह भी बताया कि वह इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मुलाकात करेंगे।
The talks with Prime Minister Meloni were excellent. Her commitment to furthering the India-Italy friendship is commendable. Bilateral ties between our nations have advanced significantly in sectors like trade, space, technology and more. In order to further deepen linkages, we… pic.twitter.com/0Q6m7C9Sub
— Narendra Modi (@narendramodi) May 20, 2026
मेलोनी ने डिनर के जरिए किया स्वागत
इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में विशेष रात्रिभोज का आयोजन किया। इस दौरान दोनों नेताओं ने रोम के ऐतिहासिक कोलोसियम का भी भ्रमण किया और विभिन्न वैश्विक मुद्दों पर विचार साझा किए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली की मित्रता को और मजबूत बनाने के लिए होने वाली औपचारिक वार्ता का उन्हें इंतजार है। मेलोनी ने भी सोशल मीडिया पर पीएम मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें अपना मित्र बताया। दोनों नेताओं की यह मुलाकात ऐसे समय हो रही है जब दुनिया में बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच भारत और यूरोप के रिश्तों को नई मजबूती मिल रही है।
भारत-इटली संबंधों को बताया विशेष रणनीतिक साझेदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने भारतीय और इतालवी मीडिया के लिए एक संयुक्त लेख भी लिखा, जिसमें दोनों देशों के रिश्तों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” का नया स्वरूप बताया गया। दोनों नेताओं ने कहा कि भारत और इटली के संबंध अब केवल दोस्ती तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, स्वतंत्रता और भविष्य की साझी सोच पर आधारित हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया इस समय बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है और ऐसे समय में भारत तथा इटली का सहयोग वैश्विक स्थिरता और आर्थिक विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। दोनों देशों ने यह भी स्पष्ट किया कि आने वाले वर्षों में तकनीक, ऊर्जा और रक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को और तेज किया जाएगा।
व्यापार को 20 अरब यूरो तक पहुंचाने का लक्ष्य
दोनों नेताओं ने अपने संयुक्त लेख में कहा कि भारत और इटली का लक्ष्य वर्ष 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाना है। इसके लिए रक्षा, एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, मशीनरी, रसायन, दवा उद्योग, वस्त्र और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा। लेख में कहा गया कि इटली की डिजाइन और विनिर्माण क्षमता का भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रतिभा के साथ तालमेल दोनों देशों को वैश्विक स्तर पर नई ताकत दे सकता है। भारत में तेजी से बढ़ रहे स्टार्टअप और यूनिकॉर्न इकोसिस्टम का भी इसमें अहम योगदान होगा।
एआई और डिजिटल तकनीक पर विशेष फोकस
प्रधानमंत्री मोदी और मेलोनी ने कृत्रिम मेधा यानी एआई को भविष्य की सबसे महत्वपूर्ण तकनीकों में से एक बताया। दोनों नेताओं ने कहा कि एआई का विकास मानव केंद्रित होना चाहिए और इसका उपयोग लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को प्रभावित करने के लिए नहीं होना चाहिए। दोनों देशों ने डिजिटल अवसंरचना, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कंप्यूटिंग और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में साझेदारी बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने कहा कि भारत की डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना और इटली की औद्योगिक विशेषज्ञता मिलकर नई तकनीकी संभावनाएं पैदा कर सकती हैं।
रक्षा, अंतरिक्ष और ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ेगा सहयोग
संयुक्त लेख में दोनों नेताओं ने रक्षा और अंतरिक्ष क्षेत्र को भी रणनीतिक साझेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। उन्होंने कहा कि समुद्री सुरक्षा, साइबर अपराध, आतंकवाद और मानव तस्करी जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए दोनों देशों का सहयोग और मजबूत किया जाएगा। ऊर्जा क्षेत्र में भी भारत और इटली नवीकरणीय ऊर्जा, हाइड्रोजन तकनीक और स्मार्ट ग्रिड जैसे क्षेत्रों में मिलकर काम करेंगे। दोनों नेताओं ने कहा कि भविष्य की वैश्विक ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए साझेदारी और नवाचार बेहद जरूरी है।
राष्ट्रपति मत्तारेला से भी मिले पीएम मोदी
प्रधानमंत्री मोदी ने रोम में इटली के राष्ट्रपति सर्जियो मत्तारेला से भी मुलाकात की। इस दौरान व्यापार, निवेश, स्वच्छ ऊर्जा, एआई, अंतरिक्ष और सांस्कृतिक संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में विदेश मंत्री एस. जयशंकर, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोवल और विदेश सचिव विक्रम मिस्री समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने भारत और इटली की दीर्घकालिक साझेदारी को और गहरा करने पर सहमति जताई। साथ ही क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
भारत-मध्य पूर्व-यूरोप गलियारे पर भी चर्चा
प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने भारत-पश्चिम एशिया-यूरोप आर्थिक गलियारे को भविष्य की बड़ी परियोजना बताया। दोनों नेताओं ने कहा कि यह गलियारा व्यापार, ऊर्जा, डिजिटल नेटवर्क और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती देगा। उन्होंने कहा कि हिंद-प्रशांत और भूमध्यसागरीय क्षेत्र अब एक-दूसरे से जुड़े आर्थिक और रणनीतिक केंद्र बनते जा रहे हैं और भारत-इटली साझेदारी इस नए वैश्विक ढांचे को आकार देने में अहम भूमिका निभाएगी।
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