बेबुनियाद है दावे…राहुल गांधी के आरोपों पर आया चुनाव आयोग का जवाब, भाजपा ने बताया वोट चोरी का बादशाह

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। चुनाव आयोग ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उन आरोपों को खारिज कर दिया है जिसमें मतदाताओं की सहमति के बिना मतों को मतादाता सूची से हटा देने का आरोप लगाया गया था। चुनाव आयोग ने गांधी द्वारा मतों को बिना मतदाताओं की सहमति के मतदाता सूची से हटा देने के गुरुवार के आरोपों के खिलाफ जारी एक बयान में कहा, राहुल गांधी के आरोप गलत और निराधार हैं। बयान में कहा गया है कि किसी भी मत को किसी भी सदस्य द्वारा ऑनलाइन हटाया नहीं जा सकता। मतदाता को उसका पक्ष सुनने का अवसर दिये बिना उसे मतदाता सूची से हटाया नहीं जा सकता।

चुनाव आयोग ने आरोप को बताया निराधार
आयोग ने कहा, “अलंद विधानसभा क्षेत्र में 2023 में कुछ मतदाताओं के नाम हटाये जाने के असफल प्रयास किये गये थे और इस मामले में आयोग के अधिकारियों ने जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज करायी थी। अलंद विधानसभा क्षेत्र से 2018 में भाजपा के सुभाष गुट्टेदार ने और 2023 में कांग्रेस के बी आर पाटिल ने चुनाव जीता था। गौरतलब है कि श्री गांधी ने गुरूवार को यहां संवाददाता सम्मेलन में चुनाव आयोग पर मतदाताओं के नाम सूची से हटाये जाने जैसे कई आरोप लगाये हैं।

‘वोट चोरी के बादशाह’ हैं राहुल, माफी मांगे
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की महाराष्ट्र इकाई ने बृहस्पतिवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी को ‘‘वोट चोरी’’ का ‘‘बादशाह’’ बताया और कहा कि उन्हें चुनाव प्रक्रिया पर बार-बार ‘‘निराधार आरोप’’ लगाने के लिए भारत की जनता से माफी मांगनी चाहिए। प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता केशव उपाध्याय ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी को निराधार दावे करने की आदत हो गई है। उन्होंने कहा कि किसी को तो केवल आरोप लगाने के बजाय संविधान के दायरे में कानूनी लड़ाई लड़नी होगी। दिल्ली में बृहस्पतिवार को एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए राहुल ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर ‘‘वोट चोरों’’ और ‘‘लोकतंत्र की हत्या करने वालों’’ की रक्षा करने का आरोप लगाया और कर्नाटक विधानसभा क्षेत्र के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि चुनाव से पहले कांग्रेस समर्थकों के वोट सुनियोजित रूप से हटाए जा रहे थे। कांग्रेस नेता के आरोपों का जिक्र करते हुए उपाध्याय ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘राहुल गांधी को बार-बार बेबुनियाद आरोप लगाने के लिए देश की जनता से माफ़ी मांगनी चाहिए। दरअसल, वह ख़ुद देश में ‘वोट चोरी के बादशाह’ हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं जो कहने जा रहा हूं, वह अदालत में साबित हो चुका है।

यह घटना कल कर्नाटक में हुई, उसी राज्य में जहां कांग्रेस सत्ता में है। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने मालुर विधानसभा क्षेत्र के चुनाव परिणाम को रद्द कर दिया, जहां 2023 में चुनाव हुए थे। यह मामला भाजपा उम्मीदवार ने आगे बढ़ाया और हम जीत गए। सिर्फ़ आरोपों से कुछ भी साबित नहीं होता। आपको संविधान के दायरे में रहकर क़ानूनी लड़ाई लड़नी होगी।’’ मालुर निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के उम्मीदवार के वाई नंजेगौड़ा को 50,955 वोट मिले थे, जबकि भाजपा उम्मीदवार के एस मंजूनाथ गौड़ा को 50,707 वोट मिले थे। वह सिर्फ 248 वोटों के अंतर से जीते थे। उपाध्याय ने यह भी दावा किया कि महाराष्ट्र में कई लोगों ने मतदाता पहचान पत्र प्राप्त करने के लिए अपने पते के रूप में पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण के कराड स्थित आवास का उल्लेख किया था। उन्होंने कहा, ‘‘राहुल गांधी चुनाव आयोग की विशेष पहल- विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध कर रहे हैं। अब समय आ गया है कि इसी तरह का अभियान चलाया जाए ताकि पता लगाया जा सके कि कांग्रेस नेताओं ने इस प्रक्रिया का दुरुपयोग कहां किया है।’’ उपाध्याय ने यह भी कहा, ‘‘मैं जानना चाहता हूं कि क्या शिवसेना (उबाठा) प्रमुख उद्धव ठाकरे, राहुल गांधी से महाराष्ट्र में उनकी पार्टी (कांग्रेस) के नेताओं के आचरण के बारे में पूछेंगे।’

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