एजेंसी, पटना। बिहार राजनीति अपडेट : बिहार के राजनीतिक गलियारों में बड़े उलटफेर की आहट अब साफ सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद राज्य में सत्ता परिवर्तन की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, 13 अप्रैल को वर्तमान सरकार की अंतिम कैबिनेट बैठक आयोजित की जा सकती है, जो इस बड़े बदलाव का पहला आधिकारिक संकेत होगा। इसके तुरंत बाद राज्य की सत्ता संरचना में व्यापक फेरबदल की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
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— Press Trust of India (@PTI_News) April 11, 2026
एनडीए की बैठक और नए नेतृत्व का चयन
राजनीतिक घटनाक्रम के मुताबिक, नीतीश कुमार 14 अप्रैल को अपने पद से इस्तीफा सौंप सकते हैं। उनके इस्तीफे के फौरन बाद राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई जाएगी। इस बैठक का मुख्य एजेंडा नए नेता का चुनाव करना होगा। भारतीय जनता पार्टी ने भी स्पष्ट कर दिया है कि नए मुख्यमंत्री का निर्णय गठबंधन की आपसी सहमति और सामूहिक विमर्श के आधार पर ही लिया जाएगा।
उत्तराधिकारी के नाम पर गठबंधन में मंथन
नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी को लेकर एनडीए के भीतर बैठकों और चर्चाओं का दौर लगातार जारी है। हालांकि, अभी तक किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है, लेकिन गठबंधन के नेताओं के बीच तालमेल बैठाने की कोशिशें अंतिम चरण में हैं। सत्ता का यह हस्तांतरण न केवल बिहार बल्कि राष्ट्रीय राजनीति के दृष्टिकोण से भी एक महत्वपूर्ण मोड़ माना जा रहा है। सभी की निगाहें अब गठबंधन के फैसले पर टिकी हैं।
15 अप्रैल को नए मंत्रिमंडल का शपथ ग्रहण
संकेत मिल रहे हैं कि 15 अप्रैल को नई सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित किया जा सकता है। इस कार्यक्रम को एक बड़े राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन के रूप में देखे जाने की तैयारी है, जिसमें भाजपा और जदयू के कई दिग्गज नेताओं के शामिल होने की संभावना है। इसी दिन बिहार को अपना नया मुखिया और नई मंत्रिपरिषद मिल सकती है।
राज्य से केंद्र की ओर नीतीश का रुख
नीतीश कुमार ने हाल ही में राज्यसभा सदस्य के रूप में अपनी नई जिम्मेदारी संभाली है। इस कदम के बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि वे अब बिहार की सक्रिय राजनीति से निकलकर केंद्र की राजनीति में बड़ी भूमिका निभाएंगे। 13 से 15 अप्रैल के बीच होने वाली ये गतिविधियां बिहार के भविष्य की राजनीतिक दिशा तय करने में निर्णायक साबित होंगी।
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