एजेंसी, ढाका। बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा के बढ़ते मामलों के बीच पिछले साल 25 नवंबर को हिंदू पुजारी चिन्मय कृष्ण दास को बिना किसी गलती के देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया था। एक से ज़्यादा बार उनकी जमानत याचिका भी खारिज की गई, जिससे पिछले कुछ महीने उन्हें जेल में ही बिताने पड़े। चिन्मय कृष्ण दास, इस्कॉन के पूर्व पुजारी भी हैं। आज, चिन्मय कृष्ण दास को बड़ी राहत मिली है।
चिन्मय कृष्ण दास को मिली जमानत
देशद्रोह के आरोप में जेल की सज़ा काट रहे चिन्मय कृष्ण दास को आज, बुधवार, 30 अप्रैल को बांग्लादेश हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। बांग्लादेशी मीडिया वेबसाइट ने इसकी पुष्टि की है।
भारत में हुआ था गिरफ्तारी का विरोध
पिछले साल चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी का विरोध भारत में भी हुआ था। भारत ने चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी को सरासर गलत बताते हुए उन्हें तुरंत रिहा करने की मांग उठाई थी। भारत सरकार की शरण में रह रही बांग्लादेश की पूर्व पीएम शेख हसीना ने भी इस गिरफ्तारी की निंदा करते हुए चिन्मय कृष्ण दास की रिहाई की मांग उठाई थी।
सुप्रीम कोर्ट दे सकता है झटका
बांग्लादेश के हाईकोर्ट के जस्टिस मोहम्मद अतोआर रहमान और जस्टिस मोहम्मद अली रेजा की बेंच ने चिन्मय कृष्ण दास को जमानत देने का फैसला सुनाया है। इस फैसले के बाद जल्द ही उनकी जेल से रिहाई हो सकती है। हालांकि सुप्रीम कोर्ट का अपीलीय डिवीज़न, हाईकोर्ट के इस फैसले पर रोक लगाकर चिन्मय कृष्ण दास को झटका दे सकता है।


