प्रसून जोशी

प्रसार भारती के शीर्ष पद पर प्रतिष्ठित रचनाकार की ताजपोशी : केंद्र सरकार ने प्रसून जोशी को सौंपी देश के सार्वजनिक प्रसारक की कमान

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एजेंसी, नई दिल्ली। प्रसार भारती : देश के कला, साहित्य और मीडिया जगत से एक बहुत ही महत्वपूर्ण और बड़ी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने अपनी प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग करते हुए देश के प्रतिष्ठित और प्रख्यात गीतकार, कवि तथा लेखक प्रसून जोशी को भारत के राष्ट्रीय सार्वजनिक सेवा प्रसारक ‘प्रसार भारती’ का नया अध्यक्ष नियुक्त कर दिया है। केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय की ओर से साप्ताहिक अवकाश के दिन यानी शनिवार को जारी किए गए एक विस्तृत आधिकारिक वक्तव्य में इस उच्च स्तरीय नियुक्ति की औपचारिक घोषणा की गई। शासकीय विज्ञप्ति में नव-नियुक्त अध्यक्ष के व्यक्तित्व और कृतित्व की सराहना करते हुए रेखांकित किया गया कि साहित्य, सृजनात्मक विज्ञापन, सिनेमाई लेखन और जनसंचार के विविध माध्यमों में अपना अभूतपूर्व एवं व्यापक योगदान देने वाले जोशी एक अत्यंत प्रतिष्ठित रचनात्मक पेशेवर हैं। उन्हें देश भर में उनके अत्यंत प्रभावशाली लेखन, अद्वितीय वैचारिक क्षमता और गहरी सांस्कृतिक संवेदनशीलता के लिए एक विशिष्ट पहचान प्राप्त है। उनके द्वारा रचित कालजयी फिल्मी गीतों, विज्ञापनों और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी प्रासंगिक कहानियों ने देश के कोने-कोने में रहने वाले विविध वर्गों और दर्शकों के दिलों में एक अमिट छाप छोड़ी है।

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने दी बधाई और व्यक्त की अपनी आशाएं

इस अत्यंत महत्वपूर्ण नियुक्ति के अवसर पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नव-नियुक्त अध्यक्ष को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं प्रेषित कीं। केंद्रीय मंत्री ने अपने बधाई संदेश में प्रसून जोशी की विलक्षण प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि प्रसार भारती बोर्ड के सर्वोच्च पद पर उनकी नियुक्ति अत्यंत गौरव का विषय है। वे एक ऐसी असाधारण सृजनात्मक प्रतिभा के धनी हैं, जिन्हें विज्ञापन, उत्कृष्ट साहित्य, कला और भारतीय सिनेमा के क्षेत्र में न केवल देश के भीतर बल्कि वैश्विक स्तर पर भी बहुत सम्मान और ख्याति प्राप्त हुई है। इसके साथ ही केंद्रीय मंत्री ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि इस अंतरराष्ट्रीय पहचान के बावजूद उनका अंतःकरण पूरी तरह से भारत की माटी और इसकी मूल चेतना के लिए धड़कता है। केंद्रीय मंत्री ने भावुक शब्दों में कहा कि उनकी रचनाओं और शब्दों में देश की सोंधी मिट्टी की सुगंध रची-बसी है और उनकी व्यापक वैचारिक दृष्टि सदैव भारतीय संस्कृति के शाश्वत और मूल तत्वों को प्रतिबिंबित करती आई है।

नए नेतृत्व में सार्वजनिक प्रसारक को मिलेगी एक नई वैचारिक दिशा

केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने अपने वक्तव्य को आगे बढ़ाते हुए पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि प्रसून जोशी के इस अत्यंत प्रभावशाली और अनुभवी नेतृत्व के अंतर्गत प्रसार भारती संस्थान को एक बिल्कुल नई प्रशासनिक ऊर्जा, एक सार्थक दूरगामी उद्देश्य और एक अत्यंत सशक्त रचनात्मक आवाज प्राप्त होगी। उन्होंने नव-नियुक्त अध्यक्ष के आगामी कार्यकाल को बेहद यादगार, सफल और देश के लिए सार्थक बनाने के उद्देश्य से अपनी ओर से अग्रिम शुभकामनाएं भी प्रदान कीं। उल्लेखनीय है कि इस अत्यंत महत्वपूर्ण और गरिमामयी पद की जिम्मेदारी संभालने से पूर्व प्रसून जोशी वर्ष दो हजार सत्रह के अगस्त महीने से देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में स्थित ‘केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड’ के अध्यक्ष के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे थे। शासकीय बयान में यह भी स्पष्ट किया गया कि फिल्म प्रमाणन बोर्ड के मुख्य पद पर रहते हुए उन्होंने सिनेमा उद्योग से जुड़े तमाम पक्षों और हितधारकों के साथ मिलकर काम किया और फिल्म प्रमाणन की जटिल प्रक्रियाओं को आधुनिक तथा सुदृढ़ बनाने में अपना अमूल्य योगदान दिया। सेंसर बोर्ड में उनका संपूर्ण कार्यकाल रचनात्मक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नियामक जिम्मेदारी के बीच एक बहुत ही सुंदर और संतुलित दृष्टिकोण का बेहतरीन उदाहरण माना जाता है।

स्वायत्त संस्था के रूप में प्रसार भारती का गौरवशाली इतिहास और उसकी भूमिका

यदि इस स्वायत्त शासकीय संस्था की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और इसके वैधानिक स्वरूप पर दृष्टि डालें तो प्रसार भारती अधिनियम, उन्नीस सौ नब्बे के विशेष प्रावधानों के अंतर्गत इसकी स्थापना की गई थी, जिसने वर्ष उन्नीस सौ सत्तानवे से देश में पूरी तरह से स्वायत्त रूप से अपना कार्य करना प्रारंभ किया था। यह भारत गणराज्य का एक अत्यंत महत्वपूर्ण वैधानिक, स्वायत्त और सार्वजनिक सेवा प्रसारक संस्थान है। इस विशाल ब्रॉडकास्टिंग कॉर्पोरेशन के अंतर्गत मुख्य रूप से दो बेहद बड़े और सुप्रसिद्ध अंग कार्य करते हैं, जिन्हें देश भर में ‘ऑल इंडिया रेडियो’ अर्थात आकाशवाणी और राष्ट्रीय टेलीविजन चैनल ‘दूरदर्शन’ के नाम से जाना जाता है। इनमें से ऑल इंडिया रेडियो को पूरी दुनिया के सबसे विशाल और विस्तृत रेडियो नेटवर्कों में से एक होने का गौरव प्राप्त है, जो देश के सुदूर ग्रामीण अंचलों से लेकर बड़े महानगरों तक अनगिनत भाषाओं, स्थानीय बोलियों और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से करोड़ों श्रोताओं के जीवन का एक अभिन्न हिस्सा बना हुआ है। वहीं दूसरी ओर, दूरदर्शन देश का सबसे विश्वसनीय राष्ट्रीय टेलीविजन प्रसारक है, जो सूचना, सामयिक समाचार, उच्च शिक्षा, स्वस्थ मनोरंजन और भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत से सराबोर विविध कार्यक्रमों को निरंतर जन-जन तक पहुंचाने का उत्तरदायित्व निभा रहा है।

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