प्रधानमंत्री मोदी

खेती-किसानी के लिए तकनीक और नई ऊर्जा है जरूरी : प्रधानमंत्री मोदी ने वेबिनार में गिनाईं उपलब्धियां

देश/प्रदेश नई दिल्ली राष्ट्रीय

एजेंसी, नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मोदी ने शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार द्वारा किसानों के आर्थिक जोखिम को कम करने और उनकी आमदनी बढ़ाने के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम अब धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। बजट के बाद आयोजित होने वाली राष्ट्रीय वेबिनार श्रृंखला की तीसरी कड़ी का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि देश के करीब दस करोड़ किसानों को अब तक चार लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के माध्यम से सीधे उनके खातों में भेजी जा चुकी है। इस पूरे दिन चलने वाले वेबिनार का मुख्य विषय कृषि और ग्रामीण क्षेत्र में बड़े बदलाव लाना है।

प्रधानमंत्री ने जानकारी दी कि न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी में किए गए सुधारों के कारण अब किसानों को अपनी फसल पर लागत का करीब डेढ़ गुना मुनाफा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज के लिए अब साहूकारों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता और लगभग पचहत्तर प्रतिशत से अधिक कर्ज अब सरकारी और बैंकिंग संस्थानों के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। प्रधानमंत्री के अनुसार, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के जरिए अब तक लगभग दो लाख करोड़ रुपये के दावों का निपटारा कर किसानों को राहत दी गई है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन निरंतर प्रयासों से किसानों का जोखिम काफी हद तक कम हुआ है और उन्हें एक मजबूत आर्थिक सुरक्षा मिली है। उन्होंने बताया कि सरकार अब फसलों की विविधता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दे रही है। खाद्य तेल और दालों के उत्पादन के लिए शुरू किए गए राष्ट्रीय मिशन और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले अभियानों से कृषि क्षेत्र को नई मजबूती मिल रही है।

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प्रधानमंत्री ने गर्व से कहा कि आज भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश बन गया है और इस विकास को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए वैज्ञानिक प्रबंधन को अपनाना बहुत जरूरी है। वेबिनार को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने पशुधन के स्वास्थ्य के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत अब पशुओं के टीकों के निर्माण में पूरी तरह आत्मनिर्भर हो गया है। पशुओं को खुरपका और मुंहपका जैसी बीमारियों से बचाने के लिए अब तक एक सौ पच्चीस करोड़ से अधिक टीके लगाए जा चुके हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह तकनीक का युग है और सरकार कृषि कार्यों में आधुनिक प्रौद्योगिकी को शामिल करने पर विशेष बल दे रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आज पूरी दुनिया अपने स्वास्थ्य को लेकर बहुत जागरूक है और जैविक भोजन की मांग तेजी से बढ़ रही है। उन्होंने भारतीय किसानों और विशेषज्ञों से रासायनिक मुक्त खेती और प्राकृतिक खेती की ओर कदम बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती से तैयार उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचने का सबसे आसान रास्ता हैं। सरकार इन उत्पादों की गुणवत्ता की जांच के लिए आधुनिक प्रयोगशालाओं और प्रमाणीकरण की व्यवस्था करने की योजना पर भी काम कर रही है।

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