एजेंसी, अहमदाबाद। प्रधानमंत्री मोदी ने मंगलवार को गांधीनगर के कोबा गांव पहुंचकर जैन संस्कृति और अहिंसा के आदर्शों को समर्पित नवनिर्मित सम्राट संप्रति संग्रहालय का लोकार्पण किया। महावीर जयंती के पावन अवसर पर प्रधानमंत्री ने जैन संतों की उपस्थिति में इस विशेष संग्रहालय का शुभारंभ किया। श्री महावीर जैन आराधना केंद्र परिसर में स्थापित इस संग्रहालय का नामकरण मौर्य वंश के प्रतापी शासक सम्राट संप्रति महाराज के सम्मान में किया गया है। सम्राट अशोक के पौत्र सम्राट संप्रति ने प्राचीन काल में जैन धर्म की शिक्षाओं और अहिंसा के मार्ग को जन-जन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।
Speaking at the inauguration of the Samrat Samprati Museum in Gandhinagar. It showcases the deep-rooted traditions of the Jain culture and its timeless values for humanity. https://t.co/yo1XszOIza
— Narendra Modi (@narendramodi) March 31, 2026
सरकारी जानकारी के अनुसार इस संग्रहालय में सदियों पुरानी दुर्लभ जैन कलाकृतियां और पारंपरिक विरासत से जुड़ी वस्तुएं सहेज कर रखी गई हैं। यहां पत्थरों और धातुओं से बनी बेहद बारीक नक्काशी वाली मूर्तियां, लघु चित्रकारी, चांदी के बने रथ, पुराने सिक्के और प्राचीन हस्तलिखित ग्रंथ मौजूद हैं। संग्रहालय में कई बड़े कक्ष बनाए गए हैं जिनमें दो हजार से अधिक ऐतिहासिक चीजें प्रदर्शित की गई हैं। यह स्थान यहां आने वाले लोगों को जैन धर्म के क्रमिक विकास और इसके गहरे सांस्कृतिक प्रभाव को विस्तार से समझने का अवसर प्रदान करता है।
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इससे पहले प्रधानमंत्री ने महावीर जयंती के अवसर पर समस्त देशवासियों को अपनी शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा कि सत्य, मेल-जोल, अच्छे आचरण और समानता पर आधारित भगवान महावीर के संदेश अद्भुत प्रेरणा देते हैं। उनके महान विचार हमेशा मानवता का मार्ग प्रशस्त करते रहेंगे। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा कि भगवान महावीर के आदर्श आध्यात्मिक रूप से प्रगति प्रदान करने वाले हैं और वर्तमान समय में भी उनकी उतनी ही उपयोगिता है।


