प्रदेश के भावी बजट से नागरिकों को काफी उम्मीदें

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केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार से बेहद प्रसन्न है। यह संकेत इस बात से भी मिल रहे हैं, क्योंकि केंद्रीय बजट में केंद्र सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के लिए एक प्रकार से खजाना खोल जा चुका है। इससे मध्य प्रदेश शासन के खजाने को काफी राहत मिलने जा रही है। संभावना इस बात की ज्यादा है कि अब जब मध्य प्रदेश शासन का बजट प्रस्तुत होने की तैयारी में है, तब आम आदमी को भी आर्थिक मामलों में काफी राहत मिल सकती है। सर्व विदित है कि केंद्र सरकार ने युवाओं, मध्यवर्गीय परिवारों, किसानों एवं महिलाओं समेत विभिन्न वर्गों को हर संभव राहत देने का प्रयास किया है। लोग यह जानकर आश्चर्यचकित हैं कि जब सारे चुनाव संपन्न हो चुके हैं, केंद्र और प्रदेश में भाजपा की सरकारें काबिज हैं। उसके बावजूद बजट में करों को लेकर तो राहत है ही, नए उद्योग, व्यवसाय डालने और स्टार्टअप आदि को लेकर बेहद सकारात्मक वातावरण निर्मित करने का प्रयास सरकार की ओर से किया गया है। वहीं विभिन्न करों के रूप में केंद्र की ओर जाने वाली भारी भरकम धनराशि में से मध्य प्रदेश सरकार को जो हिस्सा प्राप्त हुआ है, वह उत्साह जनक वातावरण को निर्मित करने वाला है। इससे मध्य प्रदेश के नागरिकगण उम्मीद कर रहे हैं कि जब डॉक्टर मोहन यादव सरकार की और से विधानसभा में बजट प्रस्तुत किया जाएगा, तो संभव है स्थानीय नागरिकों को केंद्र के समान ही लाभदायक सिद्ध हो। सरकार की ओर से भी जैसे प्रयास किये जा रहे हैं, उनसे मध्य प्रदेश की आर्थिक व्यवस्था और अधिक मजबूत होने के आसार स्पष्ट दिखाई देने लगे हैं। खासकर अभी जब डॉक्टर मोहन यादव जापान की यात्रा से लौटे हैं तब वे अपनी कार्य योजना को लेकर काफी उत्साहित हैं। क्योंकि जापान की अनेक कंपनियों ने मध्य प्रदेश में निवेश का केवल आश्वासन ही नहीं दिया है, बल्कि उस ग्लोबल इन्वेस्टर्स सबमिट में आने का भरोसा दिलाया है जो इसी महीने की 24 और 25 तारीख को राजधानी भोपाल में संपन्न होने जा रही है। जाहिर है यह निवेश जमीनी स्तर पर फलीभूत होता है तो एक प्रकार की औद्योगिक क्रांति मध्य प्रदेश में आने की संभावनाएं व्यक्त की जा रही है। प्रदेश के अर्थशास्त्रियों का आकलन है कि आने वाली 24 और 25 फरवरी को होने जा रही ग्लोबल इन्वेस्टर समिट सफल हो जाती है तो यहां टेक्सटाइल, गारमेंट, फार्मास्यूटिकल, कृषि, खाद्य एवं डेयरी प्रसंस्करण, आईटी, रोबोटिक इकोसिस्टम एवं ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, कौशल विकास, लॉजिस्टिक, पर्यटन, शहरी परिवहन एवं औद्योगिक संरचना आदि क्षेत्रों में उछाल आना तय है। इससे जहां मध्य प्रदेश में बड़े-बड़े उद्योग स्थापित होंगे, वहीं राजस्व के रूप में मध्य प्रदेश शासन को भारी भरकम लाभ मिलने वाला है। जिसका लाभ अंततः क्षेत्र के नागरिकों को ही मिलना तय है। सबसे बड़ी बात यह है कि जिस पैमाने पर उद्योग स्थापित होने की संभावनाएं देखी जा रही हैं, उससे यह परिदृश्य दिखाई देने लगा है कि स्थानीय युवाओं को बड़े पैमाने पर प्राइवेट सेक्टर में नौकरियां हासिल होने वाली हैं। सबसे प्रमुख बात यह है कि आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट का उद्घाटन करने के लिए स्वयं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां शिरकत करने जा रहे हैं। जाहिर है जब मध्य प्रदेश शासन के साथ ही देश के प्रधानमंत्री का कमिटमेंट इस ग्लोबल इन्वेस्टर्स सबमिट में आए अतिथियों को मिलेगा तो मेहमानों के बीच सकारात्मक संदेश पहुंचेगा ही। फल स्वरुप मध्य प्रदेश में निवेश करने का जो माहौल मुख्यमंत्री की जापान यात्रा के साथ निर्मित हुआ है, वह और अधिक मजबूत तथा परिणाम मूलक साबित होता दिखाई देता है। धार्मिक क्षेत्र में जिस प्रकार काशी, मथुरा और अयोध्या आदि क्षेत्रों में बूम आया हुआ है, उससे यह धारणा भी मजबूत हुई है कि यदि मध्य प्रदेश में भी इसी प्रकार के विकास फलीभूत होंगे तो यहां भी रोजगार के अवसर बढ़ना तय है। संतोष की बात यह है कि मध्य प्रदेश शासन ने इस ओर भी प्रयास पहले की अपेक्षा और अधिक तेज किए हैं। पाठकों को यह जानकर आश्चर्य होगा कि जापान यात्रा से लौटने पर जब डॉक्टर मोहन यादव को चुनाव प्रचार के लिए दिल्ली में रुकना था, तो उन्होंने अपने एसीएस राजेश राजौरा को सीधा उज्जैन रवाना कर दिया। इस निर्देश के साथ कि उन्हें आगामी उज्जैन सिंहस्थ में भीड़ प्रबंधन को लेकर आज और अभी से सक्रिय हो जाने की आवश्यकता है। इसी का परिणाम है कि उज्जैन पूर्व की अपेक्षा और अधिक तीव्रता के साथ विकास के पथ पर आगे बढ़ चला है। उम्मीद की जा रही है कि उज्जैन सिंहस्थ के साथ आसपास के तीर्थ स्थलों का भी उल्लेखनीय विकास होने जा रहा है। इनमें विशेष तौर पर ओंकारेश्वर तथा ओरछा में और अधिक विकास कार्य प्रारंभ हो सकते हैं। इसी के साथ नर्मदा नदी के आसपास भी जिस प्रकार मध्य प्रदेश सरकार का ध्यान जा रहा है, उससे यह उम्मीद बंध चली है कि मध्य प्रदेश में भी अब धार्मिक एवं पर्यटन यात्राओं को लेकर सकारात्मक वातावरण निर्मित हो चला है। फल स्वरुप यहां रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। नतीजतन मध्य प्रदेश की आर्थिक स्थिति और अधिक मजबूत होगी।

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