एजेंसी, नई दिल्ली। प्रतिभाओं का सम्मान : भारत के गौरवशाली नागरिक सम्मानों की श्रेणी में शीर्ष स्थान रखने वाले पद्म पुरस्कारों के लिए वर्ष दो हजार छब्बीस की चयन प्रक्रिया का आधिकारिक प्रारंभ हो गया है। राष्ट्र के प्रति असाधारण और विशिष्ट सेवा अर्पित करने वाली विभूतियों को सम्मानित करने के उद्देश्य से आगामी इकतीस जुलाई तक नामांकन आमंत्रित किए गए हैं। प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर घोषित होने वाले इन अलंकरणों के लिए पंजीकरण की खिड़की पंद्रह मार्च से ही क्रियाशील कर दी गई है। इन प्रतिष्ठित सम्मानों के लिए कला, साहित्य, शिक्षा, खेलकूद, चिकित्सा विज्ञान, समाज सेवा, इंजीनियरिंग, लोक प्रशासन और व्यापार जगत जैसे विविध क्षेत्रों में मील का पत्थर स्थापित करने वाले व्यक्तियों के नाम प्रस्तावित किए जा सकते हैं।
#HamarePadma | ज्ञान की रोशनी बाँट रहे अंके गौड़ा
अंके गौड़ा ने अपनी जिंदगी की 70-80% कमाई किताबें खरीदने में लगा दी, ताकि ज्ञान हर व्यक्ति तक पहुँच सके।
कर्नाटक के मैसूर के पास हरलाहल्ली में उन्होंने ‘पुस्तक मने’ नाम की विशाल निःशुल्क लाइब्रेरी बनाई, जहाँ 20 लाख से अधिक… pic.twitter.com/NBS0fbeJuR
— डीडी न्यूज़ (@DDNewsHindi) April 26, 2026
डिजिटल माध्यम से पंजीकरण और अनिवार्य समय सीमा
केंद्रीय गृह मंत्रालय के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, पद्म विभूषण, पद्म भूषण और पद्म श्री श्रेणियों के लिए प्राप्त होने वाले सभी नामांकन और अनुशंसाएं केवल राष्ट्रीय पद्म पुरस्कार पोर्टल के माध्यम से ही डिजिटल रूप में स्वीकार की जाएंगी। वर्ष उन्नीस सौ चौवन में स्थापित इन पुरस्कारों का मूल ध्येय समाज के विभिन्न सोपानों पर ‘उत्कृष्टता’ सिद्ध करने वाले कर्मयोगियों को सम्मानित करना है। मंत्रालय ने स्पष्ट कर दिया है कि इकतीस जुलाई की निर्धारित समय सीमा के पश्चात किसी भी आवेदन पर विचार करना संभव नहीं होगा, अतः सभी इच्छुक नागरिक और संस्थाएं इस तिथि से पूर्व अपनी प्रविष्टियां पूर्ण कर लें।
‘जनता के पद्म’ की संकल्पना और समावेशी सहभागिता
वर्तमान सरकार इन नागरिक सम्मानों को ‘पीपल्स पद्म’ अर्थात ‘जनता के पद्म’ के रूप में परिवर्तित करने हेतु निरंतर प्रयासरत है। इस दृष्टिकोण के अंतर्गत जाति, धर्म, पद, व्यवसाय अथवा लिंग के आधार पर किसी भी भेदभाव के बिना प्रत्येक नागरिक इन पुरस्कारों हेतु अपनी पात्रता रखता है। पात्रता नियमों के अनुसार, चिकित्सा और वैज्ञानिक समुदाय को छोड़कर, सार्वजनिक उपक्रमों में कार्यरत सरकारी कर्मी इन सम्मानों के दायरे में नहीं आते हैं। सरकार ने विशेष रूप से आह्वान किया है कि समाज के उन गुमनाम नायकों, महिलाओं, अनुसूचित वर्गों, जनजातीय समुदायों और दिव्यांगजनों की प्रतिभा को मुख्यधारा में लाया जाए, जो बिना किसी प्रचार के निस्वार्थ भाव से मानवता की सेवा में संलग्न हैं।
नामांकन हेतु विहित प्रक्रिया और आवश्यक मानक
पद्म पोर्टल पर उपलब्ध मानक प्रारूप के अनुसार ही आवेदनों को विधिवत स्वीकार किया जाएगा। नामांकन प्रक्रिया की सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि इसमें संबंधित व्यक्ति की विशिष्ट उपलब्धियों और योगदान पर आधारित अधिकतम आठ सौ शब्दों का एक प्रभावशाली और विस्तृत विवरण (साइटेशन) संलग्न करना अनिवार्य है। इस विवरण में व्यक्ति द्वारा किए गए असाधारण कार्यों और समाज पर उनके प्रभाव का स्पष्ट उल्लेख होना चाहिए। नामांकन प्रक्रिया, पात्रता के मापदंडों और अन्य तकनीकी जानकारियों के लिए गृह मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट और पद्म पुरस्कारों के समर्पित पोर्टल पर संपूर्ण विवरण उपलब्ध कराया गया है।
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