पीएम श्री एयर एम्बुलेंस : अद्भुत परोपकारी प्रशंसनीय योजना

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पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना लोगों की खतरे में पढ़ चुकी जिंदगियों को बचाने वाली सौगात सिद्ध हो रही है। मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने इसे गंभीरता से लागू करके अभी तक डेढ़ दर्जन लोगों की खतरे में आ चुकी जिंदगियों को बचाने का प्रशंसात्मक कार्य कर दिखाया है। राजनीति में रेवड़ियां बांटने का चलन जोरों पर है। बात सत्ता पक्ष की हो या विपक्ष की, हर कोई मुफ्त की रेवड़ियां बांटकर मतदाता को अपने पक्ष में करना चाहता है। लेकिन कुछ परोपकारी योजनाएं ऐसी भी हैं, जो आम आदमी के लिए जीवन दायिनी सिद्ध हो रही हैं। यहां प्रमुखत: पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना का जिक्र किया जा रहा है। यह प्रसंग इसलिए चर्चा का विषय बना, क्योंकि बीते रोज सिंगरौली जिले के निवासी संदीप सिंह की हालात अचानक गंभीर हो गई। स्थानीय जिला चिकित्सालय में उनका किडनी संबंधी इलाज चल रहा था। जब हालत गंभीर हो गए तो स्थानीय चिकित्सकों ने उनको एम्स भोपाल में जल्दी से जल्दी भेजा जाना अत्यावश्यक बता दिया। यदि सड़क मार्ग से रोगी को भोपाल ले जाया जाता तो इसमें 12 से 14 घंटे का समय बेकार होने का डर था। यहां तक कि रोगी के प्राण भी दांव पर लगा सकते थे। जीवन संकट में था, इस बात की गंभीरता को देखते हुए जिले के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने वहां के कलेक्टर को सूचना दी और कलेक्टर द्वारा तुरंत पीएम श्री एयर एम्बुलेंस योजना को हरी झंडी दे दी। वक्त की नजाकत को देखते हुए तुरंत एयर एंबुलेंस उपलब्ध कराई गई और बेहद थोड़े से समय में किडनी के गंभीर रोगी संदीप सिंह को एम्स भोपाल में पहुंचा दिया गया। अब वहां उनका उच्च स्तरीय इलाज चल रहा है। यहां एक बात बता दें कि मध्य प्रदेश सहित विभिन्न राज्यों की सरकारें और केंद्र सरकार जनहित में अनेक योजनाएं संचालित कर रही हैं। इसमें से अधिकांश योजनाएं ऐसी हैं जो केवल आम आदमी को खुश करने की दृष्टि से चलाई जाती हैं और इनमें अरबों खरबों रुपया पानी की तरह बहा दिया जाता है। जाहिर है इन योजनाओं के सहारे राजनीतिक दल मतदाताओं को केवल अपने पक्ष में बनाए रखने हेतु प्रयासरत बने रहते हैं।लेकिन पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना इन सबसे हटकर है। यह इसलिए भी खास है, क्योंकि इसे आयुष्मान योजना अंतर्गत अनुमोदित किया गया है। जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और आपात कालीन स्थिति में गंभीर रोगियों को अपेक्षित अस्पतालों तक नहीं भेज सकते उन्हें एक प्रक्रिया के तहत पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना उपलब्ध कराई जाती है और सीमित समय में मरीज को वांछित चिकित्सालय सेवा तक पहुंच कर उसका जीवन सुरक्षित कर दिया जाता है। एक तयशुदा प्रक्रिया के तहत आवश्यकता पड़ने पर अस्पताल के सीएमएचओ या फिर मेडिकल कॉलेज के डीन जिले के कलेक्टर को आग्रह करते हैं। कलेक्टर कलेक्टर द्वारा उक्त सुविधा को उपलब्ध कर दिया जाता है। यदि राज्य के बाहर मरीज को स्थानांतरित किया जाना हो तो कलेक्टर द्वारा मध्य प्रदेश चिकित्सा शिक्षा विभाग के संचालक से आग्रह करना होता है। मौके की नजाकत को देखते हुए तुरंत पीएम श्री एयर एंबुलेंस योजना उपलब्ध कराई जाकर रोगी का जीवन सुरक्षित कर लिया जाता है। इस तरह की परोपकारी योजनाएं चलाया जाना निसंदेह जनहित में है। विभिन्न सरकारों को अन्य मुफ्त की रेवड़ियों से ध्यान हटाकर इसी प्रकार की जनहितैषी योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है।

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