वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और स्पेन के उनके समकक्ष पेड्रो सांचेज ने सोमवार को वडोदरा में ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम लिमिटेड (टीएएसएल)-एयरबस’ केंद्र का उद्घाटन किया जहां सी-295 सैन्य विमानों का निर्माण किया जाएगा। ‘टाटा-एयरबस’ भारत में पहला ऐसा निजी केंद्र होगा जहां सैन्य विमानों के कलपुर्जों का जोड़कर विमानों को अंतिम रूप देने (फाइलन असेंबली लाइन) का काम किया जाएगा। इस अवसर पर मोदी ने कहा कि यह सुविधा न केवल भारत-स्पेन संबंधों को मजबूत करेगी, बल्कि ‘‘हमारे ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ मिशन को भी बढ़ावा देगी।’’ उन्होंने कहा कि इस संयंत्र में निर्मित विमानों का भविष्य में निर्यात भी किया जाएगा। मोदी ने यह भी आशा व्यक्त की कि इस विनिर्माण सुविधा द्वारा निर्मित परिवेशी तंत्र भविष्य में भारत को असैन्य विमान के निर्माण में भी मदद करेगा। सांचेज ने कहा कि पहला विमान इस सुविधा से उड़ान भरने के लिए 2026 में तैयार हो जाएगा।
भारत ने सितंबर 2021 में भारतीय वायु सेना के पुराने हो चुके ‘एवरो-748’ विमानों को बदलने के लिए ‘56 सी-295’ परिवहन विमान खरीदने के उद्देश्य से ‘एयरबस डिफेंस एंड स्पेस’ के साथ लगभग 21,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था। इस परियोजना के तहत भारत में पहली बार किसी निजी कंपनी द्वारा सैन्य विमानों का निर्माण किया जाएगा। समझौते के तहत, एयरबस चार वर्ष के भीतर स्पेन के सेविले स्थित अपनी ‘फाइनल असेंबली लाइन’ से 16 ऐसे विमान भेजेगा जो उड़ान भरने की स्थिति में होंगे। बाद के 40 विमानों का निर्माण और संयोजन दोनों कंपनियों के बीच हुई औद्योगिक साझेदारी के तहत भारत में ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स’ (टीएएसएल) द्वारा किया जाएगा। मोदी ने अक्टूबर 2022 में वडोदरा ‘फाइनल असेंबली लाइन’ की आधारशिला रखी थी। इस निजी केंद्र का उद्घाटन करने से पहले मोदी और सांचेज ने सुबह हवाई अड्डे से ‘टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड’ सुविधा तक 2.5 किलोमीटर की दूरी तय करते हुए रोड शो का नेतृत्व किया।
वडोदरा में बोले प्रधानमंत्री मोदी- ‘C-295 के कारखाने से देश में नागरिक विमानोंं के विनिर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा’

वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि देश में रक्षा विनिर्माण इकोसिस्टम नयी ऊंचाई छू रहा है और इससे भविष्य में ‘मेड इन इंडिया नागरिक विमानों’ के बनाये जाने का मार्ग प्रशस्त होगा। मोदी ने यहां स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के साथ टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड परिसर में सी-295 सैन्य परिवहन विमान के निर्माण के लिए टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्लेक्स का संयुक्त रूप से उद्घाटन किया। ये विमान वायु सेना की परिवहन जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे। दोनों प्रधानमंत्रियों ने इस अवसर पर प्रदर्शित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। इस अवसर पर गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल, केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर कहा कि वह आज के कार्यक्रम को परिवहन विमान के निर्माण से परे देख रहे हैं। उन्होंने पिछले दशक में भारत के विमानन क्षेत्र की अभूतपूर्व वृद्धि और परिवर्तन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत देश के सैकड़ों छोटे शहरों को हवाई कनेक्टिविटी प्रदान कर रहा है, साथ ही देश को विमानन का केंद्र बनाने के लिए काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह पारिस्थितिकी तंत्र भविष्य में मेड इन इंडिया नागरिक विमानों के लिए भी मार्ग प्रशस्त करेगा।
उन्होंने कहा कि विभिन्न भारतीय एयरलाइनों ने 1200 नए विमानों का ऑर्डर दिया है, इसका मतलब केवल यह है कि नव उद्घाटन कारखाना भविष्य में भारत और दुनिया की जरूरतों को पूरा करने के लिए नागरिक विमानों के डिजाइन से लेकर निर्माण तक प्रमुख भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि स्पेन के प्रधानमंत्री सांचेज़ की भारत की पहली यात्रा है और दोनों देशों के बीच साझेदारी आज एक नई दिशा पा रही है। उन्होंने कहा कि सी-295 विमान निर्माण के लिए टाटा एयरक्राफ्ट कॉम्प्ले क्स का उद्घाटन न केवल दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करेगा बल्कि ‘मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड’ के मिशन को भी गति देगा। मोदी ने इस अवसर पर एयरबस और टाटा की पूरी टीम को शुभकामनाएं दीं और स्वर्गीय रतन टाटा जी को भी अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। मोदी ने कहा कि सी-295 विमान का कारखाना नए भारत की नई कार्य संस्कृति का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि देश में किसी भी परियोजना के विचार से लेकर कार्यान्वयन तक भारत की गति यहां देखी जा सकती है।
उन्होंंने अक्टूबर 2022 में कारखाने की आधारशिला रखने को याद करते हुए कहा कि यह सुविधा अब सी-295 विमानों के उत्पादन के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री ने परियोजनाओं की योजना और कार्यान्वयन में बेहिसाब देरी को खत्म करने पर ध्यान केंद्रित करने पर जोर देते हुए गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में वडोदरा में बॉम्बार्डियर ट्रेन कोच विनिर्माण सुविधा की स्थापना को याद किया और कहा कि कारखाना उत्पादन के लिए रिकॉर्ड समय में तैयार हो गया था। उन्होंने कहा, ‘इस फैक्टरी में बने मेट्रो कोच आज दूसरे देशों में निर्यात किए जा रहे हैं।’ उन्होंंने विश्वास जताया कि आज की उद्घाटन सुविधा में बने विमानों का निर्यात भी किया जाएगा। प्रसिद्ध स्पेनिश कवि, एंटोनियो मचाडो को उद्धृत करते हुए, प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि जैसे ही हम लक्ष्य की ओर बढ़ना शुरू करते हैं, लक्ष्य की ओर रास्ता अपने आप बन जाता है। उन्होंंने कहा कि भारत का रक्षा विनिर्माण पा रिस्थितिकी तंत्र आज नई ऊंचाइयों को छू रहा है और अगर 10 साल पहले ठोस कदम नहीं उठाए गए होते तो आज इस मंजिल तक पहुंचना असंभव होता। उन्होंने कहा कि एक दशक पहले रक्षा विनिर्माण की प्राथमिकता और पहचान आयात को लेकर थी और कोई सोच भी नहीं सकता था कि भारत में इतने बड़े पैमाने पर रक्षा विनिर्माण हो सकता है। प्रधानमंत्री ने टिप्पणी की कि सरकार ने एक नए रास्ते पर चलने का फैसला किया, भारत के लिए नए लक्ष्य निर्धारित किए, जिसके परिणाम आज स्पष्ट हैं।


