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पीएम मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच फोन पर वार्ता : ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की कड़ी निंदा, समुद्री रास्तों की सुरक्षा पर बनी सहमति

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एजेंसी, रियाद/नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से फोन पर विस्तार से बातचीत की है। दोनों वैश्विक नेताओं के बीच पश्चिम एशिया में जारी भीषण संघर्ष और होर्मुज जलडमरूमध्य (स्ट्रैट) में उपजे सुरक्षा संकट को लेकर चर्चा हुई। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचों पर हो रहे हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करता है। उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने और कूटनीति व संवाद के जरिए विवादों को सुलझाने की पुरजोर अपील की।

प्रधानमंत्री मोदी ने इस महत्वपूर्ण संवाद की जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से साझा की। उन्होंने लिखा, “मैंने क्षेत्रीय ऊर्जा संरचना पर हमलों के प्रति भारत के कड़े विरोध को फिर से दोहराया है। हम इस बात पर एकमत हैं कि समुद्री परिवहन की स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए और अंतरराष्ट्रीय समुद्री रास्तों को खुला व सुरक्षित रखा जाना चाहिए।” इसके साथ ही पीएम मोदी ने सऊदी अरब में रह रहे भारतीय समुदाय के कल्याण और उनके प्रति निरंतर सहयोग के लिए क्राउन प्रिंस का विशेष आभार व्यक्त किया।

ऊर्जा सुरक्षा और भारतीयों की सुरक्षा पर नजर
उल्लेखनीय है कि 28 फरवरी से ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच शुरू हुए युद्ध के बाद प्रधानमंत्री मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस के बीच यह तीसरी आधिकारिक वार्ता है। पीएम मोदी पूर्व में संसद में भी यह कह चुके हैं कि वे पश्चिम एशिया के तमाम राष्ट्राध्यक्षों के साथ निरंतर संपर्क में हैं। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों (कच्चे तेल और एलपीजी) का एक बड़ा हिस्सा सऊदी अरब से आयात करता है, इसलिए वर्तमान युद्ध की स्थिति में दोनों देशों के संबंध और भी सामरिक हो जाते हैं।

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ट्रंप से बातचीत के बाद सऊदी अरब से संपर्क
इससे पहले मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से भी चर्चा की थी। उस दौरान भी पीएम मोदी ने भारत के तटस्थ और शांतिप्रिय रुख पर कायम रहते हुए जल्द से जल्द युद्ध रोकने और शांति बहाली की अपील की थी। भारत सरकार की प्राथमिकता इन युद्धग्रस्त क्षेत्रों में मौजूद लाखों भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और देश की ऊर्जा आपूर्ति को बिना किसी बाधा के जारी रखना है।

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