रिपोर्ट तैयार करने वाले लेखकों ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सतत विकास लक्ष्य की प्रगति थम गई है। 2015 में संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों द्वारा अपनाए गए 17 लक्ष्यों में से केवल 17 प्रतिशत ही 2030 तक हासिल किए जा सकेंगे। रिपोर्ट के मुख्य लेखक विश्व प्रसिद्ध अर्थशास्त्री जेफरी सैक्स हैं। इस रिपोर्ट में कहा गया है, ‘‘संघर्ष, संरचनात्मक कमियां और सीमित धन दुनिया के कई हिस्सों में सतत विकास लक्ष्य की प्रगति में बाधा डालते हैं।’’ यूरोपीय देश विशेष रूप से नॉर्डिक (उत्तरी यूरोप और उत्तरी अटलांटिक में स्थित क्षेत्र) राष्ट्र सतत विकास लक्ष्य सूचकांक में शीर्ष पर बने हुए हैं, जिसमें फिनलैंड पहले, स्वीडन दूसरे और डेनमार्क तीसरे स्थान पर है। शीर्ष 20 देशों में से कुल 19 देश यूरोप से हैं। लेखकों ने कहा कि इन देशों को भी जलवायु और जैव विविधता से संबंधित कम से कम दो लक्ष्यों को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। पूर्व और दक्षिण एशिया ने काफी हद तक तेज सामाजिक आर्थिक विकास के कारण एसडीजी प्रगति के संदर्भ में 2015 के बाद से अन्य सभी वैश्विक क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन किया है।
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