एजेंसी, नोएडा। नोएडा हिंसा अपडेट : उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले में सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा मजदूरों का प्रदर्शन हिंसक रूप ले चुका है। मंगलवार की भारी हिंसा के बाद बुधवार सुबह भी शहर के एक-दो इलाकों में पत्थरबाजी की खबरें आईं।
पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव
स्थानीय निवासियों के मुताबिक सुबह लगभग 9 बजे गुरु अमरदास इंटरनेशनल कंपनी के पास प्रदर्शनकारियों ने पत्थर फेंके। स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा ताकि भीड़ को वहां से हटाया जा सके। फिलहाल मौके पर शांति है और बड़े पुलिस अधिकारी भारी बल के साथ पूरे इलाके में गश्त कर रहे हैं ताकि दोबारा कोई अप्रिय घटना न हो।
#WATCH | Noida, Uttar Pradesh: DCP Shaivya Goyal says, “A video is going viral in which the same incident is being reported to have occurred at three different locations. In this incident, some women who work as domestic workers were demanding a pay raise. These women are not… pic.twitter.com/B8WouhowoH
— ANI (@ANI) April 14, 2026
पुलिसकर्मियों पर हमला और चोटें
नोएडा पुलिस के उप-निरीक्षक माता प्रसाद गुप्ता ने जानकारी दी कि सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम उनसे बातचीत के लिए आगे बढ़ी, कुछ असामाजिक तत्वों ने अचानक हमला कर दिया। इस पथराव में सब-इंस्पेक्टर समेत कई जवान जख्मी हुए हैं।
हिंसा के पीछे संगठित गिरोह का हाथ
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह ने इस पूरे मामले पर चौंकाने वाला बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यह केवल मजदूरों का आंदोलन नहीं है, बल्कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह काम कर रहा है जो श्रमिकों को भड़का रहा है। जांच में सामने आया है कि पिछले कुछ दिनों में कई फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट और व्हाट्सएप ग्रुप बनाए गए हैं। मजदूरों को क्यूआर कोड के जरिए इन ग्रुप्स में जोड़ा जा रहा है, जो किसी बड़ी साजिश की ओर इशारा करता है।
शांति की अपील और समाधान की उम्मीद
कमिश्नर ने मजदूरों से काम पर वापस लौटने का अनुरोध करते हुए कहा कि प्रशासन उनकी दिक्कतों को लेकर गंभीर है। उम्मीद जताई जा रही है कि वेतन बढ़ाने के मुद्दे पर आज कोई ठोस निर्णय लिया जा सकता है। उन्होंने साफ किया कि सरकार मजदूरों के साथ सहानुभूति रखती है लेकिन कानून तोड़ने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
उपद्रवियों पर बड़ी कार्रवाई और गिरफ्तारियां
सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता करने के लिए पुलिस सुबह 5 बजे से ही सड़कों पर तैनात है। आज सुबह भीड़ जुटाने की कोशिश कर रहे लोगों को पुलिस ने महज 15 मिनट के भीतर हटा दिया। पुलिस के अनुसार कल की हिंसा के मामले में अब तक 7 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 300 से ज्यादा उपद्रवियों को गिरफ्तार किया गया है। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस प्रदर्शन को फंडिंग कहां से मिल रही है और इसके पीछे किन बाहरी ताकतों का हाथ है।
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