एजेंसी, लखनऊ। भारत-नेपाल सीमा पर स्थित दूरस्थ चौकियों को अब जल्द ही बेहतर संचार सुविधा मिलने जा रही है। बीएसएनएल ने सीमावर्ती क्षेत्रों में 4जी नेटवर्क की सुविधा देना शुरू कर दी है, जो सुरक्षा बलों के लिए एक राहत भरा कदम होगा। इस पहल से न सिर्फ राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी बल्कि दूरदराज के क्षेत्रों में संचार तंत्र भी सशक्त होगा। यह जानकारी मुख्य महाप्रबंधक दूरसंचार उत्तर प्रदेश (पूर्व) अरुण कुमार गर्ग ने लाप्लास बिल्डिंग में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी। प्रेस वार्ता में सीजीएम अरुण कुमार सिंह, पीजीएम दीपक गर्ग समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
68 चौकियों पर लगेगा नेटवर्क, 14 साइटें हो चुकी हैं तैयार
मुख्य महाप्रबंधक श्री गर्ग ने बताया कि बीएसएनएल द्वारा सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की भारत-नेपाल सीमा पर स्थित 68 बॉर्डर आउट पोस्ट (बीओपीएस) पर 4जी नेटवर्क लगाने की योजना है। 14 साइटों पर काम पूरा हो चुका है। 8 साइटों पर काम प्रगति पर है। 46 साइटों पर कार्य जल्द शुरू किया जाएगा। यह सभी पोस्ट अत्यंत संवेदनशील और दुर्गम इलाकों में स्थित हैं, जहां अभी तक किसी भी टेलीकॉम ऑपरेटर की सेवा नहीं थी।
चंदौली, मिर्जापुर और सोनभद्र में भी पहुंची 4जी सेवा
बीएसएनएल ने उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में भी 2जी सेवा को 4जी में अपग्रेड करने की दिशा में तेजी से कार्य शुरू कर दिया है। इस परियोजना के तहत कुल 78 साइटों को अपग्रेड किया जा रहा है। अब तक 25 साइटों पर काम पूरा हो चुका है, शेष 53 साइटों पर कार्य प्रगति पर है। इससे इन जिलों के ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर मोबाइल कनेक्टिविटी सुनिश्चित होगी।
142 ऐसे स्थल जहां पहली बार पहुंचा नेटवर्क
प्रदेश में कुल 142 ऐसे क्षेत्र हैं जहां पहले कोई नेटवर्क नहीं था। पूर्वी उत्तर प्रदेश में 97 साइटों पर नेटवर्क सेवा शुरू हो चुकी है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 44 साइटों पर काम पूरा हो चुका है। केवल 1 साइट पर कार्य शेष है, जो जल्द ही पूर्ण होगा। इन क्षेत्रों में लगभग 24,000 नए उपभोक्ता बीएसएनएल से जुड़े हैं।
स्वदेशी तकनीक से बना 4जी नेटवर्क, जल्द होगा 5जी में अपग्रेड
इस पूरी परियोजना में स्वदेशी तकनीक से निर्मित उपकरणों का उपयोग किया गया है, जिससे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के लक्ष्य को भी बल मिला है। बीएसएनएल द्वारा लगाए जा रहे 4जी बीटीएस (बेस ट्रांसीवर स्टेशन) को भविष्य में बिना नया टॉवर लगाए ही 5जी में अपग्रेड किया जा सकेगा।
इंटरनेट स्पीड 20 एमबीपीएस से 60 एमबीपीएस तक
बीएसएनएल के 4जी नेटवर्क के माध्यम से सामान्य एंड्रॉइड फोन में इंटरनेट स्पीड 20 एमबीपीएस से 60 एमबीपीएस तक मिलेगी। स्पीड का स्तर क्षेत्र विशेष पर निर्भर करेगा। मुख्य महाप्रबंधक ने बताया कि बीएसएनएल का लगातार विस्तार हो रहा है और ग्राहक संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही है। हमारा उद्देश्य है कि देश के ग्रामीण और अति पिछड़े क्षेत्रों तक सशक्त और भरोसेमंद कनेक्टिविटी पहुंचाई जाए।


