पटना| बिहार में एक बार फिर से तख्ता पलट हो चुका है। एक बार फिर से नीतीश कुमार एनडीए के साथ हो लिए हैं। आज 9वीं बार नीतीश कुमार ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। पहली बार उन्होंने साल 2000 में शपथ ली थी। उस वक्त वे केवल 7 दिनों तक इस पद पर रहे थे। अब एक बार फिर से वह मुख्यमंत्री बने हैं। नीतीश कुमार ने शपथ लेने के बाद कहा कि जल्द ही नए कैबिनेट का विस्तार होगा। हमने पहले भी बीजेपी के साथ काम किया है इस बार भी करेंगे। बिहार के हित में लिया गया ये फैसला हम व्यर्थ नहीं जाने देंगे। हमेशा बिहार के हित में काम करेंगे।
बिहार की नई सरकार में ऐसे साधा गया जातीय समीकरण
गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने एक बार फिर से महागठबंधन को छोड़ एनडीए में शामिल हो गए। उनके इस नई सरकार में 2 उप मुख्यमंत्री बनाए गए हैं। उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और विजय सिन्हा को बनाया गया है। इसके अलावा नए समीकरण के मुताबिक बीजेपी ने विभिन्न जातियों से मंत्री बनाए हैं। जिसमें कुर्मी जाती से 2 मंत्री, 2 भूमिहार जाती से, 1 राजपूत, 1 यादव, 1 पिछड़ा, 1 अतिपिछड़ा और 1 महादलित जाती से मंत्री बनाए जा रहे हैं। दो डिप्टी सीएम और एक सीएम वाले फार्मूले के साथ बिहार में भाजपा ने लोकसभा चुनाव में जातिगत समीकरण को साधने में जुट गई है। दोनों डिप्टी सीएम में एक तरफ जहां सम्राट चौधरी कुशवाहा समाज से आते हैं तो वहीं विजय सिन्हा भूमिहार समाज से हैं। ऐसे में बीजेपी ने ना सिर्फ ओबीसी को बल्कि सामान्य वर्ग के वोटर्स को भी साधने का काम किया है।
महागठबंधन के साथ नहीं बैठा तालमेल
राजद के साथ गठबंधन तोड़ते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि मैंने इंडी अलायंस बनवाया लेकिन काम नहीं हो रहा था। लालू की पार्टी का व्यवहार ठीक नहीं है। मैंने सभी से राय लेकर इस्तीफा दिया और बीजेपी के सात मिलकर नई सरकार बनाई है। इसके अलावा नीतीश कुमार ने कहा कि महागठबंधन की भी स्थिति ठीक नहीं है।


