निर्वाचन नियमों में संशोधन : स्थानीय निकाय चुनाव में नामांकन के समय देना होगा जाति प्रमाण पत्र

प्रादेशिक भोपाल मध्‍य प्रदेश

भोपाल। स्थानीय निकाय चुनाव में अभ्यर्थियों को अब नाम निर्देशन पत्र के साथ जाति प्रमाण पत्र भी जमा करना होगा। यदि किसी कारण नामांकन पत्र के साथ यह नहीं दिया जाता है तो नामांकन पत्र की जांच के पहले अनिवार्य रूप से इसे प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा। ऐसा नहीं करने पर नामांकन पत्र निरस्त कर दिया जाएगा।

नगर पालिका निर्वाचन नियम में संशोधन
इसके लिए राज्य निर्वाचन आयोग के परामर्श के बाद नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने मध्य प्रदेश नगर पालिका निर्वाचन नियम 1994 में संशोधन किया है। अभी तक स्थानीय निकायों के चुनाव में महापौर, पार्षद, नगर पालिका व नगर परिषद के पार्षद के लिए आरक्षित वर्ग का सदस्य होने पर नामांकन पत्र भरते समय जाति प्रमाण-पत्र उपलब्ध नहीं होता था तो शपथ पत्र देने से काम चल जाता था।

निर्वाचन शून्य होने पर फिर होते थे चुनाव
अभी तक रिटर्निंग आफिसर शपथ पत्र इसे स्वीकार कर लेते थे, लेकिन बाद में शिकायत होती थी। जांच में समय लगता है और जाति गलत पाए जाने पर निर्वाचन को शून्य घोषित कर फिर से चुनाव कराना पड़ता है। ऐसी स्थिति ही न बने, इसके लिए अब यह व्यवस्था लागू कर दी है कि नामांकन पत्र के साथ सक्षम प्राधिकार द्वारा जारी जाति प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा।

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