नर्मदापुरम में गांव में घुसा तेंदुआ, रेस्क्यू के दौरान 7 लोगों को किया घायल

नर्मदापुरम प्रादेशिक मध्‍य प्रदेश

नर्मदापुरम: सोमवार सुबह करीब नौ बजे आयुध निर्माणी से लगे हुए पांडरी गांव एक तेंदुआ घुस गया। तेंदुआ को भगाने के प्रयास में उसने गांव के करीब सात लोगों पर हमला कर दिया, जिससे वे घायल हो गए। वन विभाग की टीम ने घायलों को आर्डनेंस फैक्ट्री के अस्पताल में उपचार के लिए भेजा, वहां से कुछ लोग इटारसी के डीएसपीएम अस्पताल पहुंचे। इस दौरान तेंदुआ को पकडने में सर्पमित्र अभिजीत यादव भी मामूली घायल हो गए। ऑर्डनेंस फैक्ट्री क्षेत्र के एक घर में घुसे तेंदुआ के बाद गांव में दहशत फैल गई। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। तेदुएं को टीम द्वारा रेस्क्यू कर लिया गया। सतपुड़ा टाइगर रिजर्व चूरना में तेंदुए को वन विभाग एवं एसटीआर की टीम द्वारा छोड़ा जाएगा।

रेस्क्यू के दौरान अरविंद मेहरा, कन्हैया मेहरा, अमित दिसारिया, संतोष पाटिल एवं शिवप्रसाद मालवीया सहित कुछ अन्य ग्रामीण घायल हुए हैं, जिनका उपचार सरकारी अस्पताल में किया गया। रेंजर हरिओम मनु ने बताया कि आज सुबह करीब 9 बजे ग्राम पांडरी में तेंदुआ एक घर में घुसने की सूचना पर वन विभाग की टीम पहुंची तेंदुए को रेस्क्यू किया गया। तेंदुआ को पकड़ने में उसने करीब सात आठ लोगों पर हमला भी किया, लेकिन सभी को मामूली चोट हैं, सभी को आर्डनेंस फैक्ट्री के अस्पताल में उपचार के लिए भेजा है। सर्पमित्र अभिजीत यादव ने बताया कि तेंदुआ के रेस्क्यू के दौरान जाल ढीला होने पर तेंदुआ निकल भागने की आशंका से उन्होंने उसे कसने का प्रयास किया तो जाली सहित तेंदुआ और वे नीचे गिर गए।

तेंदुआ ने हाथ और पैर में दांत गड़ा दिए। तेंदुआ एक घर में घुसा था, जहां मवेशी बंधे थे। पूरे रेस्क्यू के दौरान 30 से 45 मिनट का समय लगा। ग्रामीणों ने बताया कि सोमवार सुबह आयुध निर्माणी परिसर के एमआरएस इलाके में पांडरी गांव में एक तेंदुआ एक घर में घुस गया था। तेंदुए के रिहायशी इलाके में आने के बाद हड़कंप मच गया। तेंदुए ने शोर शराबा होने के बाद उत्पात मचाना शुरू कर दिया। सूचना पर तेंदुए को पकड़ने के लिए वन विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची। निर्माणी परिसर चारों तरफ से जंगल से घिरा हुआ है, इस वजह से आए दिन यहां वन्य प्राणी प्रवेश कर जाते हैं। अभिजीत यादव ने बताया कि रेस्क्यू के दौरान तेंदुआ घबरा गया था, हमले के बाद वह काटने लगा। कुछ ग्रामीण उसे डंडे से पीटने लगे थे, तत्काल उसे पकड़ लिया गया, बाद में वन अमले ने उसे जंगल में छोड़ा।

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