नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने 34 हजार करोड़ रुपये के बैंक धोखाधड़ी मामले में डीएचएफएल के पूर्व निदेशक धीरज वधावन को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों ने कहा कि धीरज को सोमवार शाम को मुंबई से हिरासत में लिया गया था। आज (मंगलवार) को दिल्ली की एक विशेष कोर्ट में पेश किया गया। जिसने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
साल 2022 में आरोप पत्र दायर किया गया
अधिकारियों के अनुसार, धीरज वधावन पर 2022 में मामले के संबंध में आरोप लगाया गया था। इससे पहले उन्हें यस बैंक फ्रॉड मामले के संबंध में एजेंसी ने अरेस्ट किया था। वह जमानत पर थे। DHFL द्वारा 17 बैंकों के कंसोर्टियम से 34000 करोड़ की कथित धोखाधड़ी से संबंधित मामला दर्ज किया गया है।
रेटिंग डाउनग्रेड के कारण स्थिति खराब
इससे पहले डीएचएफएल ने कहा था कि देय उसके भुगतान दायित्वों को उनके मौजूदा कार्यक्रम के अनुसार पूरा नहीं किया जा सकता है। यह सितंबर 2018 से संकट का सामना कर रहे हैं। हालांकि अपने वित्तीय दायित्वों के निर्वहन के लिए 41 हजार करोड़ से अधिक का भुगतान किया है। यह कंपनी के लिए किसी जरूरी फंडिंग के बिना रहा है। कई बार रेटिंग डाउनग्रेड के कारण स्थिति खराब हो गई। इस अवधि के दौरान डीएचएफएल ने अपने वित्तीय दायित्वों को मुख्य रूप से परिसंपत्तियों के प्रतिभूतिकरण और पुनर्भुगतान संग्रह के संयोजन के माध्यम से पूरा किया। कंपनी ने कहा कि वह अपने संकट को व्यापक और समयबद्ध तरीकों से हल करने की दिशा में काम कर रही है। रिजर्व बैंक ने एक मसौदा समाधान योजना तैयर की है। जिसे ऋणदाताओं को सौंप दिया गया है।


