दूषित जल के लिए जिम्मेदारों पर कानून बनाकर सजा का प्रावधान हो- अजय सिंह
पेयजल समस्या को गंभीरता से लेकर पूरे प्रदेश के लिए योजना बनाये सरकार
एजेंसी, भोपाल। पूर्व नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने इंदौर में दूषित जल से हुई मौतों के संदर्भ में कहा है कि सरकार को घटना से सबक लेते हुए तत्काल एक कड़ा कानून बनाने की जरूरत है| एक ऐसा कानून जिसमें जिम्मेदारी तय की जाकर सजा का प्रावधान हो| बढ़ती आबादी को देखते हुए भविष्य में इस तरह की घटनाओं से इनकार नहीं किया जा सकता| कमोबेश यह स्थिति प्रदेश के सभी जिलों में है| सिंह ने कहा कि पानी का अधिकार मानव अधिकार संरक्षण अधिनियम में प्राथमिकता से शामिल है| लेकिन अभी तक वाटर सप्लाई की तकनीक में कोई सुधार नहीं हुआ है| आज भी घनी बस्तियों में पानी की सप्लाई लाइन सीवर लाइन के पास में है| ओवरफ्लो होने पर जहरीला पानी साफ पानी की लाइन में चला जाता है| इन्हें वहां से शिफ्ट करना बहुत जरूरी है नहीं तो ऐसी घटनाएं होती रहेंगी| आधुनिक मशीनों और तकनीक के जमाने में यह काम मुश्किल भरा बिल्कुल नहीं है, बस जरूरत है तो सिर्फ राजनीतिक दृढ़ इच्छा शक्ति की|
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अजय सिंह ने कहा कि शुद्ध पेयजल के वितरण के लिए जिम्मेदार एजेंसियां अपना काम गंभीरता से नहीं करती हैं| कोई भी घटना होने पर अपनी जिम्मेदारी से बचते हुए एक दूसरे को कसूरवार ठहराते हैं| सरकार अफसरों का ट्रांसफर करके या निलंबित कर अपना कर्तव्य पूरा कर लेती है| यह सामान्य बात है कि निलंबन कोई सजा नहीं है| सजा कड़ा कानून बनाकर ही तय होगी| जांच कमेटी बनाने से कुछ नहीं होगा, केवल जनता का आक्रोश थोड़ा कम हो जाएगा और फिर वही पुराना ढर्रा शुरू हो जाता है| सिंह ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से आग्रह किया है कि वे लोगों के स्वास्थ्य, जीवन और मृत्यु से जुड़ी पेयजल की समस्या को गंभीरता से लें और व्यक्तिगत रुचि लेकर पूरे प्रदेश के लिए तत्काल विशेषज्ञों की सलाह से कोई ठोस योजना बनवाएं| जिस परिवार में मानव लापरवाही से इस तरह की अकाल मौत होती है उसके दुख और पीड़ा को वही समझ सकता है, हम नहीं| इसलिए जरूरी है कि सरकार संवेदनशील रुख अपनाए|


