दिशोम गुरु शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार, रामगढ़ के नेमरा में राजकीय सम्मान के साथ दी गई विदाई

झारखंड नई दिल्ली राष्ट्रीय राष्ट्रीय

एजेंसी, रामगढ़, रांची। झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के संस्थापक शिबू सोरेन, जिन्हें ‘दिशोम गुरु’ कहा जाता था, मंगलवार को अपने पैतृक गांव नेमरा में पंचतत्व में विलीन हो गए. सीएम हेमंत सोरेन ने उन्हें मुखाग्नि दी. इस दौरान उनके छोटे भाई बसंत सोरेन और परिवार के बाकी लोग भी मौजूद रहे. 81 वर्षीय शिबू सोरेन का सोमवार, 4 अगस्त को दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में निधन हो गया था. उनके अंतिम संस्कार में राजकीय सम्मान के साथ हजारों लोग शामिल हुए, जिन्होंने नम आंखों से अपने प्रिय नेता को अंतिम जोहार अर्पित किया.

दिल्ली से नेमरा तक अंतिम यात्रा

शिबू सोरेन के निधन के बाद दिल्ली में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई प्रमुख हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. सोमवार शाम को उनका पार्थिव शरीर विशेष विमान से रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डे पहुंचा, जहां उनके अंतिम दर्शन के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी. इसके बाद उनका पार्थिव शरीर रांची के मोरहाबादी स्थित उनके आवास पर ले जाया गया.

शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार
मंगलवार सुबह शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर झारखंड विधानसभा लाया गया, जहां विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और अन्य नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इसके बाद उनकी अंतिम यात्रा नेमरा के लिए रवाना हुई. रास्ते में सड़कों पर खड़े लोगों ने अपने जननायक को नम आंखों से विदाई दी.

नेमरा में उमड़ा जनसैलाब

नेमरा गांव में शिबू सोरेन के अंतिम संस्कार के लिए हजारों लोग एकत्र हुए. श्मशान घाट पर राजकीय सम्मान के साथ उनकी अंतिम विदाई की गई. उनके समर्थकों, स्थानीय लोगों और झामुमो कार्यकर्ताओं ने ‘दिशोम गुरु अमर रहें’ के नारों के साथ उन्हें जोहार अर्पित किया. इस दौरान माहौल गमगीन रहा, और कई लोग अपने प्रिय नेता के निधन से भावुक नजर आए.

झारखंड के लिए शिबू सोरेन का योगदान

शिबू सोरेन झारखंड आंदोलन के प्रमुख स्तंभ थे. उन्होंने आदिवासी समुदाय के अधिकारों और झारखंड की पहचान के लिए लंबा संघर्ष किया. तीन बार झारखंड के मुख्यमंत्री रहने वाले शिबू सोरेन ने क्षेत्र के विकास और सामाजिक न्याय के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए. उनके निधन को झारखंड की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है.

नेताओं ने दी श्रद्धांजलि

शिबू सोरेन के निधन पर देशभर के नेताओं ने शोक व्यक्त किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “शिबू सोरेन का निधन झारखंड और भारतीय राजनीति के लिए अपूरणीय क्षति है.” मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने पिता को याद करते हुए कहा, “दिशोम गुरु का मार्गदर्शन हमेशा हमें प्रेरित करता रहेगा.” नेमरा में अंतिम संस्कार के बाद शिबू सोरेन की स्मृति में कई सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने शोक सभाओं का आयोजन किया. उनके समर्थक और अनुयायी उनके दिखाए रास्ते पर चलने का संकल्प ले रहे हैं.

अंतिम सफर पर निकले शिबू सोरेन, राज्यपाल, विस अध्यक्ष और विधायकों ने विधानसभा परिसर में दी श्रद्धांजलि

एजेंसी, रांची। वरिष्ठ आदिवासी नेता और झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के सह-संस्थापक शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर राज्य विधानसभा लाया गया, जहां राज्यपाल संतोष गंगवार और विधानसभा अध्यक्ष रवींद्रनाथ महतो ने उन्हें श्रद्धांजलि दी। केंद्रीय जनजातीय मामलों के मंत्री जुएल ओराम, महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ जैसे नेताओं ने विधानसभा परिसर में ‘दिशोम गुरु’ के नाम से पहचाने जाने वाले शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि अर्पित की। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, राज्य के मंत्री इरफान अंसारी, दीपिका पांडे सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की और विभिन्न दलों के कई विधायकों ने विधानसभा परिसर में दिवंगत आत्मा को श्रद्धांजलि अर्पित की। पुलिस महानिदेशक अनुराग गुप्ता, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अविनाश कुमार सहित कई नौकरशाहों को विधानसभा परिसर में आदिवासी नेता को श्रद्धांजलि देते देखा गया। बड़ी संख्या में लोग और झामुमो कार्यकर्ता शिबू सोरेन को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए विधानसभा परिसर में आए और उन्होंने ‘गुरुजी अमर रहे’ के नारे लगाए। शिबू सोरेन का पार्थिव शरीर लेकर शव वाहन सुबह करीब साढ़े 10 बजे विधानसभा परिसर पहुंचा। सफेद कुर्ता-पायजामा और आदिवासी गमछा पहने हेमंत सोरेन अपने पिता के साथ थे। शिबू सोरेन का अंतिम संस्कार मंगलवार को रामगढ़ जिले में उनके पैतृक गांव नेमरा में पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया जाएगा। यह स्थान राज्य की राजधानी रांची से लगभग 70 किलोमीटर दूर है। ‘गुरुजी’ के नाम से मशहूर शिबू सोरेन ने सोमवार को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली थी। वह 81 वर्ष के थे। झामुमो के सह-संस्थापक सोरेन का गुर्दे से जुड़ी बीमारियों के लिए एक महीने से अधिक समय से दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में इलाज किया जा रहा था।

लोकसभा में शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी गई

लोकसभा ने मंगलवार को झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री शिबू सोरेन को श्रद्धांजलि दी, जिनका सोमवार को 81 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। सदन की कार्यवाही आरंभ होने पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने शिबू सोरेन और दो अन्य पूर्व सदस्यों तिलकधारी प्रसाद सिंह और रामरती बिंद के निधन के बारे में सूचित किया और उनके राजनीतिक जीवन का संक्षिप्त विवरण दिया। बिरला ने कहा कि सोरेन ने सामाजिक न्याय और जनजातीय समुदाय के विकास एवं कल्याण के लिए आजीवन संघर्ष किया तथा झारखंड राज्य के गठन में उनकी उल्लेखनीय भूमिका को हमेशा याद किया जाएगा। इसके बाद सभा ने कुछ पल मौन रखकर तीनों दिवंगत पूर्व सदस्यों को श्रद्धांजलि दी। सोरेन सातवीं, नौवीं, 10वीं, 11वीं, 13वीं, 14वीं, 15वीं और 16वीं लोकसभा के सदस्य थे, जबकि तिलकधारी प्रसाद सिंह आठवीं और 13वीं तथा रामरती बिंद 13वीं लोकसभा के सदस्य थे।

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