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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब टोल टैक्स देना होगा

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दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब टोल टैक्स देना होगा

एजेंसी, नई दिल्ली। देश की राजधानी से उत्तराखंड की राजधानी के बीच की दूरी को कम करने वाले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर अब यात्रियों को मुफ्त यात्रा की सुविधा नहीं मिलेगी। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस आधुनिक मार्ग के पहले चरण पर टोल टैक्स वसूलने की प्रक्रिया को अंतिम रूप दे दिया है। अब इस एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को निर्धारित शुल्क का भुगतान करना अनिवार्य होगा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के पहले खंड पर टोल प्रक्रिया शुरू

अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के बागपत-खेकड़ा वाले हिस्से पर टोल की नई दरें आज से ही प्रभावी कर दी गई हैं। आपको बता दें कि अब तक इस मार्ग के कुछ विशेष हिस्सों को परीक्षण के तौर पर आम जनता के लिए बिना किसी शुल्क के खोला गया था। हालांकि, अब इस मार्ग पर स्थित टोल प्लाजा को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। सरकार और संबंधित विभाग का कहना है कि एक्सप्रेसवे के निर्माण में हुए भारी निवेश और इसके भविष्य के रखरखाव के खर्चों को वहन करने के लिए टोल वसूली शुरू करना आवश्यक कदम है।

विभिन्न वाहनों के लिए निर्धारित की गई टोल दरें

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर सफर करने वाले विभिन्न श्रेणियों के वाहनों के लिए टोल की दरें अलग-अलग तय की गई हैं। यदि आप कार, जीप या किसी अन्य छोटे निजी वाहन से यात्रा कर रहे हैं, तो एक तरफ की यात्रा के लिए आपको 190 रुपये देने होंगे, जबकि 24 घंटे के भीतर वापसी की यात्रा करने पर यह शुल्क 285 रुपये तय किया गया है। हल्के कमर्शियल वाहनों, मिनी बस और माल ढोने वाले हल्के वाहनों के लिए एक तरफ का किराया 310 रुपये और वापसी का 460 रुपये रखा गया है। भारी वाहनों जैसे बस और ट्रकों के लिए यह राशि क्रमशः 645 रुपये और 970 रुपये होगी। इसके अलावा, थ्री एक्सल कमर्शियल वाहनों को एक तरफ के लिए 705 रुपये और वापसी के लिए 1055 रुपये चुकाने होंगे। विशालकाय या ओवर साइज वाहनों के लिए टोल की दरें सबसे अधिक हैं, जिसमें एक तरफ का सफर 1235 रुपये और वापसी का सफर 1835 रुपये का पड़ेगा।

फास्टैग के माध्यम से कैशलेस भुगतान की व्यवस्था

एक्सप्रेसवे पर वाहनों की लंबी कतारों और जाम की समस्या से निपटने के लिए प्रशासन ने पूरी तरह से कैशलेस व्यवस्था पर जोर दिया है। इस मार्ग पर बने सभी टोल बूथों पर फास्टैग की सुविधा को अनिवार्य कर दिया गया है। आधुनिक सेंसर तकनीक के माध्यम से जैसे ही कोई वाहन टोल गेट से गुजरेगा, वहां लगे कैमरे और सेंसर वाहन की पहचान कर लेंगे और निर्धारित टोल राशि सीधे आपके बैंक खाते या फास्टैग वॉलेट से कट जाएगी। इस स्वचालित प्रणाली से न केवल यात्रियों के समय की बचत होगी, बल्कि बार-बार रुकने और चलने से होने वाले ईंधन के नुकसान में भी कमी आएगी।

समय की बचत और सुगम यात्रा का लाभ

हालांकि अब यात्रियों को इस मार्ग पर चलने के लिए अपनी जेब से पैसे खर्च करने होंगे, लेकिन इसके बदले उन्हें बेहद कम समय में सफर पूरा करने की सुविधा मिलेगी। जब यह एक्सप्रेसवे पूरी तरह से बनकर तैयार हो जाएगा और संचालित होगा, तब दिल्ली से देहरादून के बीच लगने वाला समय आधे से भी कम हो जाएगा। वर्तमान में जहां इस यात्रा में लगभग 5 से 6 घंटे का समय लगता है, वहीं इस एक्सप्रेसवे के जरिए लोग मात्र ढाई से तीन घंटे में अपनी मंजिल तक पहुंच सकेंगे। आधुनिक तकनीक से बना यह मार्ग न केवल सफर को छोटा करेगा, बल्कि यात्रियों को एक विश्व स्तरीय ड्राइविंग अनुभव भी प्रदान करेगा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर टोल दरों की सूची:

वाहन का प्रकारएक तरफ का शुल्कवापसी का शुल्क (24 घंटे में)
कार, जीप, छोटे वाहन190 रुपये285 रुपये
हल्के कमर्शियल वाहन, मिनी बस310 रुपये460 रुपये
बस और ट्रक645 रुपये970 रुपये
थ्री एक्सल कमर्शियल वाहन705 रुपये1055 रुपये
विशालकाय वाहन (ओवर साइज)1235 रुपये1835 रुपये

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