एजेंसी, मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब शिवदासानी की एडल्ट कॉमेडी मस्ती 4 आखिरकार लंबे इंतजार के बाद सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। सोशल मीडिया पर इस फिल्म को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं। 2004 की मस्ती फ्रैंचाइजी की यह फिल्म दर्शकों को दोहरे अर्थ वाले चुटकुलों से गुदगुदाने की कोशिश करती है। हालांकि, जहां कई लोगों ने इसे सबसे मनोरंजक फिल्मों में से एक बताया है, वहीं कुछ इसे घटिया भी कह रहे हैं। आइए मस्ती 4 के एक्स रिव्यू पर एक नजर डालते हैं।
क्या मस्ती 4 ने एक्स नेटिजन्स को प्रभावित किया?
निर्देशक इंद्र कुमार ने 2004 में इस फ्रैंचाइज़ी की पहली फिल्म, मस्ती, के साथ एडल्ट कॉमेडी में हाथ आजमाया और इसे खूब सराहा गया। इसके बाद उन्होंने दो और फिल्मों का निर्देशन किया, लेकिन इस बार मिलाप मिलन जावेरी ने निर्देशन किया। मिलन ने पहली दो फिल्मों की कहानी भी लिखी थी। तो आइए जानते हैं कि फिल्म देखने के बाद लोगों ने क्या कहा। विवेक ओबेरॉय, रितेश देशमुख और आफताब की मस्ती 4 देखने के बाद, एक यूजर ने एक्स पर अपनी समीक्षा पोस्ट की, ‘मस्ती 4 फिल्म मनोरंजक है। हालांकि यह पूरी तरह से बांधे नहीं रख पाती, फिर भी यह आपका ध्यान खींचती है। मेरे लिए यह एक बार देखने लायक है।’ एक अन्य एक्स यूजर ने लिखा, ‘यह फिल्म अपनी फ्रैंचाइजी का वादा पूरा करती है।’ एक अन्य एक्स यूजर ने लिखा, ‘यह सस्ती नहीं है, यह एक घटिया फिल्म है।’ कुछ यूजर इस फिल्म को कॉमेडी के नाम पर घटिया बता रहे हैं। इसी तरह की एक टिप्पणी में लिखा था, ‘वयस्क कॉमेडी के नाम पर, पत्नी अपने पति को एक हफ़्ते के लिए किसी के भी साथ शारीरिक संबंध बनाने की इजाजत देती है, जिसे वे लव वीजा कहते हैं। यह घटिया नहीं है, यह एक घटिया फिल्म है। किसी को इस फिल्म के खिलाफ केस दर्ज करना चाहिए।’
मस्ती 4 की कहानी
बता दें कि इस फिल्म, मस्ती 4, की कहानी तीन दोस्तों के इर्द-गिर्द घूमती है। रितेश देशमुख, आफताब शिवदासानी और विवेक ओबेरॉय अपनी जिंदगी की उथल-पुथल के बीच मस्ती की तलाश में हैं। उन्हें पता चलता है कि उनकी पत्नियों के अफेयर चल रहे हैं। उन्हें लव वीजा का कॉन्सेप्ट समझ आता है और वे विदेश यात्रा पर निकल पड़ते हैं। हालाँकि, यह सफर आसान नहीं है, क्योंकि उनकी ज़िंदगी में कई दिलचस्प मोड़ आने वाले हैं।


