एजेंसी, नई दिल्ली। तमिलनाडु की पॉलिटिक्स में एक बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री और पूर्व एआईएडीएमके लीडर ओ. पन्नीरसेल्वम (ओपीएस) ने फ्राइडे को डीएमके का दामन थाम लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की प्रेजेंस में पार्टी जॉइन की। यह कदम अप्रैल-मई में होने वाले तमिलनाडु असेंबली इलेक्शन से ठीक पहले उठाया गया है।
तीन बार सीएम रह चुके हैं पन्नीरसेल्वम
जे. जयललिता के करीबी रहे ओ. पन्नीरसेल्वम पहली बार 2001 में तमिलनाडु के मुख्यमंत्री बने थे। हालांकि, 6 महीने बाद ही उन्होंने रिजाइन कर दिया था। इसके बाद 2014 में उन्होंने दूसरी बार सीएम पद का चार्ज संभाला था, लेकिन इस बार भी वे केवल एक महीने तक ही मुख्यमंत्री रह सके। इसके बाद वे 2016 में तीसरी बार राज्य के सीएम बने, लेकिन 2017 में उन्होंने एक बार फिर इस्तीफा दे दिया था। उन्हें लेकर एआईएडीएमके के अंदर काफी खींचतान चल रही थी और पार्टी के कई लीडर्स उनके अगेंस्ट थे। इसी के चलते 2022 में उन्हें पार्टी से एक्सपेल (निष्कासित) कर दिया गया था।
ओपीएस ने कहा- डीएमके लीडर का थैंक्यू
डीएमके में शामिल होने के बाद पन्नीरसेल्वम ने कहा— “पार्टी में शामिल करने के लिए डीएमके लीडर का धन्यवाद। मुख्यमंत्री स्टालिन बहुत अच्छे से पार्टी और सरकार चला रहे हैं। राज्य उनकी गुड गवर्नेंस (सुशासन) को देख रहा है। विशेषकर महिलाएं डीएमके गवर्नमेंट द्वारा परिवार चलाने के लिए दी गई फैसिलिटीज से बहुत खुश हैं। दूसरी तरफ, ईपीएस तानाशाही तरीके से पार्टी चला रहे हैं और एआईएडीएमके पतन (डाउनफॉल) की ओर बढ़ रही है।”
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स्टालिन ने ‘एक्स’ पर किया ओपीएस का स्वागत
ओपीएस के डीएमके में आने पर मुख्यमंत्री स्टालिन ने ‘एक्स’ पर उनका वेलकम किया। स्टालिन ने उनके साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा— “तमिलनाडु के पूर्व मुख्यमंत्री और प्रिय भाई श्री ओ. पन्नीरसेल्वम द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम (डीएमके) में शामिल हो गए हैं। मैं उनका हार्टी वेलकम (हार्दिक स्वागत) करता हूं। द्रविड़ मूवमेंट के कद्दावर नेता द्रविड़ विचारधारा की रक्षा के लिए हमारे इस महान आंदोलन से जुड़े हैं।” ओपीएस एआईएडीएमके के एक बहुत बड़े लीडर रहे हैं। उनके डीएमके में जाने से राज्य के पॉलिटिकल इक्वेशंस (राजनीतिक समीकरण) बदल सकते हैं और अपकमिंग इलेक्शंस पर भी इसका गहरा असर पड़ सकता है। पॉलिटिकल एनालिस्ट्स के मुताबिक, पन्नीरसेल्वम का यह कदम दोनों बड़े दलों के बीच कॉम्पिटिशन को एक नया रूप देगा। उनके सपोर्टर्स के डीएमके में जाने से राज्य की पॉलिटिक्स में स्टेबिलिटी और नए अलायंस (गठबंधन) की पॉसिबिलिटीज खुल सकती हैं। तमिलनाडु में बहुत जल्द ही असेंबली इलेक्शन होने जा रहे हैं, ऐसे में यह डेवलपमेंट काफी क्रुशियल (अहम) है। पन्नीरसेल्वम की थेनी जिले के बोदिनायक्कनूर असेंबली सीट पर बहुत मजबूत पकड़ है, जिसे उनका गढ़ माना जाता है। पिछले चुनाव में उन्होंने इस सीट से 1 लाख से अधिक वोटों के मार्जिन से जीत हासिल की थी।


