एजेंसी, वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा उनके व्यापक टैरिफ फैसलों को अवैध घोषित करने के कुछ घंटों बाद स्पष्ट किया कि भारत के साथ ट्रेड समझौते में कोई परिवर्तन नहीं होगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत-अमेरिका व्यापारिक साझेदारी जारी रहेगी और दोनों देशों के बीच संबंध “बहुत अच्छे” हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को ट्रंप प्रशासन द्वारा विभिन्न देशों पर लगाए गए बढ़े हुए टैरिफ को रद्द कर दिया, जिसमें राष्ट्रपति की आपातकालीन शक्तियों के दुरुपयोग का हवाला दिया गया। इस फैसले के बावजूद ट्रंप ने व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत का जिक्र करते हुए कहा, “भारत के साथ हमारे रिश्ते शानदार हैं। हम भारत के साथ व्यापार कर रहे हैं। भारत पहले रूस से तेल खरीद रहा था, लेकिन अब वह ऐसा नहीं कर रहा क्योंकि हम उस भयानक युद्ध (रूस-यूक्रेन) को खत्म करना चाहते हैं, जिसमें हर महीने हजारों लोग मारे जा रहे हैं।” ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए कहा, “मोदी एक महान व्यक्ति हैं, बहुत स्मार्ट लीडर। हमारे रिश्ते बहुत मजबूत हैं।” उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए दावा किया कि उन्होंने टैरिफ के दबाव से भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध रोका था, जिसमें 10 विमान गिराए गए थे और परमाणु खतरा मंडरा रहा था। ट्रंप का कहना था कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने भी उनकी इस भूमिका की सराहना की और लाखों जानें बचने की बात कही।
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ट्रेड डील पर साफ-साफ बयान
जब पत्रकारों ने भारत के साथ ट्रेड डील के भविष्य पर सवाल किया, तो ट्रंप ने कहा, “कुछ नहीं बदलेगा। वे टैरिफ देंगे, हम नहीं देंगे। भारत के साथ डील यही है कि वे टैरिफ चुकाएं। पहले स्थिति उलटी थी, भारत हमें लूट रहा था, लेकिन अब यह एक निष्पक्ष समझौता है। हम उन्हें टैरिफ नहीं दे रहे, वे हमें दे रहे हैं। डील शुरू हो चुकी है और हम इसे नए तरीके से आगे बढ़ाएंगे।” ट्रंप ने यह भी याद दिलाया कि हाल ही में उन्होंने भारत पर रूस से तेल खरीद के लिए लगाए गए 25% टैरिफ हटा दिए थे और समझौते के तहत टैरिफ दर को 18% तक कम किया गया था। भारत ने अमेरिकी सामानों की खरीद बढ़ाने का वादा किया है।
नया ग्लोबल टैरिफ का ऐलान
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने ओवल ऑफिस से एक नए कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए, जिसमें सभी देशों से होने वाले आयात पर 10% टैरिफ लगाया गया है। यह टैरिफ ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ट्रंप ने कहा, “मुझे गर्व है कि मैंने सभी देशों पर 10% ग्लोबल टैरिफ पर साइन कर दिया है, जो तुरंत प्रभावी होगा।” यह कदम Section 122 के तहत उठाया गया है और यह अस्थायी है, लेकिन ट्रेड नीति में बदलाव का संकेत देता है। ट्रंप ने कोर्ट के फैसले को “गहरा निराशाजनक” बताया और जजों पर निशाना साधा, लेकिन साथ ही कहा कि वे वैकल्पिक तरीकों से अपनी नीति को लागू करेंगे। भारत-अमेरिका ट्रेड डील अब भी मजबूत दिख रही है, हालांकि नए ग्लोबल टैरिफ से वैश्विक व्यापार पर असर पड़ सकता है।
टैरिफ पर अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद बोले राहुल गांधी, प्रधानमंत्री फिर करेंगे समर्पण
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट द्वारा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का आयात शुल्क संबंधी फैसला पलटे जाने के बाद लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर तीखा हमला करते हुए शनिवार को कहा कि वह एक बार फिर अमेरिका के सामने समर्पण करेंगे। राहुल गांधी ने कहा कि अमेरिका के साथ व्यापार समझौते में पीएम मोदी की स्थिति कमजोर हुई है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा “प्रधानमंत्री ने देशहित से समझौता किया है। उनका विश्वासघात अब सबके सामने है।” राहुल गांधी ने कहा कि मोदी अब समझौते की शर्तों पर पुनः बातचीत नहीं कर सकते। वह एक बार फिर समर्पण करेंगे। उल्लेखनीय है कि अमेरिका की सुप्रीम कोर्ट ने विभिन्न देशों पर भारी आयात शुल्क लागू करने के श्री ट्रंप के फैसले को असंवैधानिक करार देते हुए कहा कि यह शक्ति सिर्फ अमेरिकी संसद के पास है। राहुल गांधी की यह टिप्पणी भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बढ़ते राजनीतिक टकराव के बीच आयी है। कांग्रेस ने बार-बार इस समझौते के समय, पारदर्शिता और शर्तों को लेकर चिंता जताई है। उसकी चिंता खासकर भारतीय किसानों और छोटे व्यवसायियों पर इसके संभावित असर को लेकर है।


