जुलाई 2025 में दर की बेरोजगारी दर घटकर 5.2% हुई, पीएलएफएस की ओर से जारी किए गए नए आंकड़े

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एजेंसी, नई दिल्ली। भारत की बेरोजगारी दर जुलाई 2025 में घटकर 5.2% हो गई। यह पिछले महीने 5.6% थी। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से सोमवार को जारी नवीनतम आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के आंकड़ों में इसकी पुष्टि हुई।

महिलाओं और पुरुषों के बीच बेरोजगारी दर
वर्तमान साप्तहिक स्थिति (सीडब्ल्यूएस) के आंकड़ों के अनुसार जुलाई के दौरान पुरुषों में बेरोजगारी की दर 5.3 प्रतिशत रही। वहीं महिलाओं में यह दर 5.1 प्रतिशत रही।

शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी बढ़ी
शहरी क्षेत्रों में जुलाई में बेरोजगारी दर बढ़कर 7.2 प्रतिशत हो गई। यह जून में 7.1 प्रतिशत दर्ज हुई थी। 15 से 29 आयु वर्ग के लिए शहरी क्षेत्रों में बेरोजगारी की दर मामूली वृद्धि के साथ 19 प्रतिशत हो गई। यह पिछले महीने 18.8 प्रतिशत थी।

ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटी
वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बेरोजगारी दर घटकर 4.4 प्रतिशत हो गई। यह जून में 4.9 प्रतिशत दर्ज हुई थी। 15 से 29 आयु वर्ष के लिए यह दर जुलाई में घटकर 13 प्रतिशत हो गई। यह जून में 13.8 प्रतिशत दर्ज हुई थी।

सीडब्लूएस का मतलब
श्रम बल सर्वेक्षण में करंट वीकली स्टेटस का मतलब है कि किसी व्यक्ति ने सर्वे के पहले वाले सात दिनों में क्या काम किया। यानी सर्वे की तारीख से पिछले हफ्ते तक व्यक्ति नौकरी कर रहा था, काम ढूंढ रहा था या फिर काम से बाहर था। इसी आधार पर उसकी स्थिति तय की जाती है।

श्रम बल भागीदारी दर में बढ़त
आंकड़ों से यह भी पता चला है कि सभी आयु वर्ग के व्यक्तियों के बीच सीडब्ल्यूएस में श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) जून 2025 में 41 प्रतिशत की तुलना में जुलाई 2025 में बढ़कर 41.4 प्रतिशत हो गई।

ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में एलएफपीआर बढ़ी
ग्रामीण क्षेत्रों में सभी आयु समूहों के सीडब्ल्यूएस में एलएफपीआर 42 प्रतिशत थी, जबकि पिछले महीने यह 41.5 प्रतिशत थी। वहीं शहरी क्षेत्रों में यह जुलाई में 40.1 प्रतिशत रही, जो जून में 39.8 प्रतिशत थी।

क्या कहते हैं डब्ल्यूपीआर के आंकड़े?
श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर), जो कुल जनसंख्या में कार्यरत लोगों के अनुपात को परिभाषित करता है। यह ग्रामीण क्षेत्रों में 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के व्यक्तियों में जुलाई 2025 के दौरान 54.4 प्रतिशत था, जो जून में 53.3 प्रतिशत था। इसी आयु वर्ग के लिए, शहरी क्षेत्रों में डब्ल्यूपीआर जुलाई में 47 प्रतिशत थी। देश स्तर पर समग्र डब्ल्यूपीआर 52 प्रतिशत थी, जबकि जून के दौरान यह 51.2 प्रतिशत थी।

श्रम बल सर्वेक्षण की सैंपलिंग में हुआ संशोधन
श्रम बाजार से जुड़े उच्च-आवृत्ति वाले संकेतकों की बढ़ती आवश्यकता और कवरेज को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से श्रम बल सर्वेक्षण की सैंपलिंग पद्धति को जनवरी 2025 से संशोधित कर दिया गया है।अखिल भारतीय स्तर पर जुलाई में 7,519 प्रथम चरण नमूना इकाइयों का सर्वेक्षण किया गया। सर्वेक्षण किए गए परिवारों की संख्या 89,505 थी (ग्रामीण क्षेत्रों में 49,355 और शहरी क्षेत्रों में 40,150) और सर्वेक्षण किये गये व्यक्तियों की संख्या 3,79,222 थी (ग्रामीण क्षेत्रों में 2,16,832 और शहरी क्षेत्रों में 1,62,390)।

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