एजेंसी, भोपाल। जीतू पटवारी रायसेन मेला : रायसेन में आयोजित तीन दिवसीय बड़े कृषि मेले के आखिरी दिन जमकर राजनीतिक हंगामा देखने को मिला। मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस मेले में शामिल होने की कोशिश की, लेकिन पुलिस प्रशासन ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया। इस मेले का नेतृत्व केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान कर रहे हैं और समापन कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी शिरकत कर रहे हैं। पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद जीतू पटवारी की अधिकारियों के साथ काफी नोकझोंक भी हुई, जिसके बाद उन्हें बैरंग लौटना पड़ा।
मध्य प्रदेश में भाजपा का राज है या तालिबान का?
आज मैं @ChouhanShivraj जी द्वारा आयोजित कृषि मेले में कृषक उपकरणों के बारे में जानने के लिए रायसेन जाना चाहता था, लेकिन भाजपा ने डर के कारण सैकड़ों पुलिस बल तैनात कर मेरा रास्ता रोक दिया।
संविधान के अनुच्छेद 19 (1) (d) के तहत भारत… pic.twitter.com/ojHcXOdEgg
— Jitendra (Jitu) Patwari (@jitupatwari) April 13, 2026
किसान के रूप में जा रहा था पटवारी
प्रशासनिक कार्रवाई से नाराज जीतू पटवारी ने वापस लौटकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह वहां किसी राजनैतिक विरोध प्रदर्शन के लिए नहीं जा रहे थे। पटवारी के अनुसार, वह स्वयं एक किसान हैं और मेले में प्रदर्शित की जा रही नई खेती की तकनीकों और नवाचारों के बारे में जानकारी लेने के इच्छुक थे। उन्होंने कहा कि एक किसान को कृषि मेले में जाने से रोकना समझ से परे है और यह लोकतंत्र के खिलाफ है।
अधिकारियों से नहीं मिला सही जवाब
कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि उन्होंने इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए जिले के कलेक्टर, एसडीएम और यहां तक कि केंद्रीय मंत्री के कार्यालय में भी संपर्क किया था। पटवारी का दावा है कि किसी भी स्तर पर उन्हें संतोषजनक उत्तर नहीं दिया गया। उन्होंने सरकार पर ‘नकारात्मक राजनीति’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब सरकार ‘किसान कल्याण वर्ष’ मना रही है, तो ऐसी स्थिति में विपक्षी नेताओं की भागीदारी से परहेज क्यों किया जा रहा है।
कांग्रेस ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस पूरे घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस मीडिया विभाग के प्रमुख मुकेश नायक ने पुलिस प्रशासन से पूछा कि आखिर किस नियम या कानून के तहत एक नागरिक को सार्वजनिक कार्यक्रम में जाने से रोका गया। हालांकि, इस मामले में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार किसानों की समस्याओं और उनकी आवाज से डर रही है, इसलिए इस तरह के कदम उठाए जा रहे हैं।
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